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अवैध निर्माणों की पैरोकारी में उतरे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी

Sat, 22 Jul 2017 02:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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- अर्से बाद एक्शन में नजर आया एमडीए तो भाजपाई ही करने लगे विरोध
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- वीसी से कहा, सपा व बसपा कार्यकाल में हुए अवैध निर्माण भाजपा कार्यकाल में तोड़ना उचित नहीं
- कमिश्नर के अधिकार पर भी उठा रहे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। अर्से बाद ही सही। लेकिन एमडीए अवैध निर्माणों को लेकर एक्शन में आया तो भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी अवैध निर्माण करने वालों की पैरवी में उतर आए हैं। उन्होंने इस बाबत एमडीए वीसी से भी मुलाकात की और सीएम को ज्ञापन प्रेषित किया। तर्क दिया कि सपा और बसपा शासन काल में हुए अवैध निर्माणों को भाजपा सरकार में तोड़ना उचित नहीं। अवैध निर्माणों पर सख्ती दिखा रहे कमिश्नर के अधिकारों पर ही उन्हाेंने सवाल खड़े कर दिए।
एमडीए इन दिनों ताबड़तोड़ ढंग से अवैध निर्माणों पर एक्शन ले रहा है। लगातार ऐसे भवनों को सील किया जा रहा है जो अनाधिकृत रूप से बन गए हैं। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार का इस तरफ सख्त रवैया है। उन्होंने साफ कहा है कि प्रत्येक जेई से लेकर वीसी तक की इस कार्य में जिम्मेदारी है। रोज कम से कम दस अवैध निर्माण पर सील लगाई जाए। जो शमन योग्य हैं उनसे शमन शुल्क वसूला जाए और जो इस दायरे से बाहर हैं उन्हें ध्वस्त किया जाए। कहा है कि प्रदेश सरकार अवैध निर्माणों को लेकर गंभीर है और इस पर सख्त एक्शन हो।
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इधर पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने इस बाबत बृहस्पतिवार को वीसी सीताराम यादव से मुलाकात कर ऐसे निर्माण करने वालों की पैरवी की। कहा कि जिन अधिकारियों के समय में निर्माण हुए, उन्हें भी तो चिह्नित कर कार्रवाई हो। कहा कि भविष्य में क्या अवैध निर्माण नहीं होंगे, इसकी व्यवस्था कर ली गई है। आरोप लगाया कि रक्षापुरम में बना वीसी आवास ही चार प्लॉटों को मिलाकर बनाया गया है, जो नियमों का उल्लंघन है। एमडीए कार्यालय में सैट बैक नहीं छोड़ा गया है। कई कॉलोनियों में सरकारी जमीन पर कब्जा है। उन्होंने जयदेवी नगर योजना की भी पैरवी की। यहां की आवास विकास परिषद की अधिग्रहीत भूमि पर अनाधिकृत रूप से भवन बनाया गया, जिस पर विशाल मेगा मार्ट चल रहा है और इस पर सील लग चुकी है। हैरत की बात यह है कि वाजपेयी ने कमिश्नर के अधिकारों पर सवाल उठा दिए। कहा कि एक्ट में प्राधिकरण के अध्यक्ष को केवल बोर्ड बैठक की अध्यक्षता करने और एमडीए अधिकारियों के दिए फैसलों के खिलाफ अपनी न्यायालय में वाद सुनने का अधिकार है। ध्वस्तीकरण जैसे आदेश देने का अधिकार नहीं। यह वीसी में निहित है।
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मैं अवैध निर्माणों का पक्षधर नहीं
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का इस संबंध में कहना है कि मैं अवैध निर्माणों का पक्षधर नहीं हूं। यह कह रहा हूं कि क्या इससे आगे अब अवैध निर्माण नहीं होंगे। जो निर्माण अवैध हो गए हैं और इस श्रेणी में आते हैं तो उन पर शुल्क लिया जाए ताकि रैपिड ट्रेन के लिए चार हजार करोड़ रुपया इकट्ठा हो सके। ध्वस्त करने में तो सरकारी संपत्ति का नुकसान है। इन पर भारी जुर्माना वसूल लिया जाए और अवैध निर्माण कराने वाले अधिकारियों को भी बख्शा न जाए।
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