अल्टीमेटम के बावजूद भी पुलिस लाइन के क्वार्टर खाली न करने वाले 180 दबंग पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। क्वार्टर खाली करने के बजाय इन पुलिसकर्मियों ने सिफारिशें लगानी शुरू कर दीं। एसएसपी ने इन सिफारिशों को दरकिनार करते हुए जोन और गैर जिलों में तैनात ऐसे सभी पुलिसकर्मियों का वेतन रोकने की संस्तुति कर दी है। इस मामले में लेकर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
रिजर्व पुलिस लाइन के 887 में से 180 क्वार्टरों पर ऐसे पुलिसकर्मियों का कब्जा है, जिनका ट्रांसफर दूरदराज जनपदों मेें हो चुका है। जबकि जिले में नौकरी कर रहे पात्र पुलिसकर्मियों को क्वार्टर नहीं मिल पा रहा है। पांच बार नोटिस जारी होने के बाद भी अवैध कब्जाधारी पुलिसकर्मियों पर कोई असर नहीं पड़ा। जिस पर एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने तीन अगस्त को इन 180 पुलिसकर्मियों को अल्टीमेटम जारी कर दिया था। चेतावनी दी थी कि यदि जल्द क्वार्टर खाली नहीं किया तो उन पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इस प्रकरण को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
उसके बाद पुलिसकर्मियों ने खलबली मच गई। पुलिसकर्मियों ने क्वार्टर खाली करने के बजाय शुक्रवार को एसएसपी से सिफारिशें लगवानी शुरू कर दीं। जिस पर एसएसपी ने सख्त रुख अपना लिया। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि ऐसे दबंग पुलिसकर्मी जिन जिलों में तैनात हैं, उनके एसएसपी को पत्र भेजकर इन पुलिसकर्मियों का वेतन रोकने की संस्तुति कर दी गई है। इन पुलिसकर्मियों से क्वार्टर खाली कराकर पात्र पुलिसकर्मियों को आवंटित किया जाएगा।
दबंग पुलिसकर्मियों की बढ़ गई संख्या
पुलिस लाइन के क्वार्टर कब्जाने वाले दबंग पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ गई है। पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक सत्यप्रकाश शर्मा ने 40 क्वार्टरों में रहने वाले पुलिसकर्मियों की शिकायत एसएसपी से की है। आरआई का कहना है कि इन 40 पुलिसकर्मियों ने पांच साल से विभाग को कोई किराया नहीं दिया। बार-बार चेतावनी देने के बाद भी कोई सुनने को तैयार नहीं है। इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।