बावरिया गैंग के सरगना सलीम की तलाश में पुलिस की 18 टीमों ने 28 लोकेशन पर वर्क किया। इनसे अलग सर्विलांस, जोनल क्राइम ब्रांच, एसटीएफ नोएडा और मेरठ ने भी रात-दिन एक कर दिया। तब जाकर पुलिस बुलंदशहर गैंगरेप कांड के इस मुख्य आरोपी को दबोचने में सफल हुई।
आईजी जोन सुजीत पांडेय के अनुसार यह घटना पुलिस के लिए चुनौती थी। पूरा महकमा चाहता था कि घटना जल्द से जल्द खुले और बेहतर टीम वर्क के बूते इसमें सफलता मिली। पुलिस ने इस केस में 18 टीमें लगाई थी। जिनमें करीब 200 पुलिस कर्मी लगे थे। लोकल पुलिस, क्राइम ब्रांच की कई टीमों के अलावा एसटीएफ, जोनल क्राइम ब्रांच, साइबर सेल की टीमें अलग से थीं। बुलंदशहर के अलावा मेरठ, हापुड़, किठौर, मवाना, सहारनपुर के अलावा झारखंड समेत कुल 28 लोकेशन पर पुलिस टीमों ने काम किया। टीमों ने सिविल ड्रेस में बेहद गोपनीय ढंग से काम किया। पुलिस को पता था कि केस संवेदनशील है और कोई भी चूक आरोपियों को पकड़ से दूर कर सकती है।