फलावदा। विधायक द्वारा चेयरमैन तथा डूडा के खिलाफ प्रधानमंत्री आवास में धांधली का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत में आरोपी पंचायत कर्मी का नाम ही पात्र लाभार्थियों की सूची में नहीं पाया गया।
गौरतलब है कि विधायक संगीत सोम ने शासन से कस्बे में डूडा एवं नगर पंचायत पर अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिलाए जाने की शिकायत की थी। इसकी जांच कराई जा रही है। रविवार को हलका लेखपाल उधम सिंह ने कस्बे में पहुंचकर नौ अल्पसंख्यक लाभार्थियों की जांच की। शिकायत में कई लोगों पर नगर पंचायत की मिलीभगत से सरकारी रास्ते व तालाब की भूमि पर अवैध रूप से हाउस टैक्स लगवाकर प्रधानमंत्री आवास बनवाने के आरोप था।
वहीं, नगर पंचायत कर्मी परवेज द्वारा आबादी में मकान होने के बावजूद जंगल में प्रधानमंत्री आवास का लाभ लेने की भी शिकायत की गई थी। लेखपाल उधम सिंह ने आरोपी पंचायतकर्मी तथा सभासदों को साथ लेकर शिकायत की जांच की। इसमें पाया कि पंचायत कर्मी परवेज पुत्र अथर का नाम लाभार्थियों की सूची में नहीं है। दूसरी ओर लाभार्थियों के मकानों पर लगे गृह कर पुराने हैं। वर्तमान चेयरमैन के कार्यकाल में किसी लाभार्थी पर कोई टैक्स नहीं लगाया गया है। सभासद दयाचंद का कहना है कि विधायक द्वारा जांच के बहाने सिर्फ अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित कराया जा रहा है। चेयरमैन अब्दुल समद को सत्ता के दबाव में लेने के लिए अकारण घसीटा जा रहा है। लाभार्थियों का चयन तथा गृह कर निर्धारण उनके कार्यकाल से पूर्व हुआ है। इस संबंध में चेयरमैन अब्दुस समद ने बताया कि इस मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है। प्रशासनिक अधिकारी तथा कर्मचारी ही इस प्रक्रिया में लगे हुए हैं। एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि विधायक संगीत सोम द्वारा की गई शिकायत के संबंध में सोमवार को वह स्वयं जांच करेंगे। इसके बाद तस्वीर साफ हो सकेगी।