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ग्रीन बिल्डिंग में चलेगा प्रदेश का पहला अत्याधुनिक ब्लाइंड स्कूल

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ग्रीन बिल्डिंग में चलेगा प्रदेश का पहला अत्याधुनिक ब्लाइंड स्कूल
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- दीवारों, रेलिंग और सीढ़ियों पर ब्रेल लिपि की ग्रिल से पहचानेंगे फ्लोर
- पांच करोड़ की लागत से आठ माह में बनने वाले स्कूल की रखी गई नींव

मेरठ। दृष्टिहीन बच्चों के लिए बनाए जा रहे पांच मंजिला ब्रजमोहन स्कूल फॉर द ब्लाइंड की बुधवार को नींव रख दी गई। पांच करोड़ रुपये की लागत से यह बिल्डिंग आठ महीने में बनकर तैयार हो जाएगी। ग्रीन बिल्डिंग में चलने वाला ये प्रदेश का पहला ऐसा अत्याधुनिक ब्लाइंड स्कूल होगा जहां पर छात्र-छात्राओं को सभी सुविधाएं मिलेंगी। दीवारों, रेलिंग और सीढ़ियों पर ब्रेल लिपि की ग्रिल के जरिये छात्र-छात्राएं हर फ्लोर और कक्षाओं में खुद जा सकेंगे।
स्वामी सत्यानंद ट्रस्ट फॉर हैंडीकैप्ड इंडिया केप्रयासों से लोहियानगर बुद्घा एनक्लेव के डी पॉकेट में ब्रजमोहन स्कूल फॉर द ब्लाइंड की नींव रखी गई। पहली कक्षा से 12वीं तक के इस स्कूल की बिल्डिंग ग्रीन बिल्डिंग के मानक पर रहेगी। पांच मंजिला बिल्डिंग में प्रथम और द्वितीय फ्लोर पर 14 क्लासरूम, लाइब्रेरी और एक्टिविटी रूम बनाए जाएंगे। तृतीय और चतुर्थ फ्लोर पर छात्र-छात्राओं केलिए अलग-अलग हॉस्टल और मेस बनेंगे। प्रदेश में दृष्टिहीन बच्चों केलिए यह पहला ऐसा अत्याधुनिक स्कूल होगा जहां पर सभी सुविधाएं मिलेंगी। बच्चों को एक फ्लोर से दूसरे पर जाने के लिए सीढ़ियों केसाथ ही लिफ्ट की भी सुविधा रहेगी। लिफ्ट में बटन, हर फ्लोर की दीवारों, रेलिंग पर ब्रेल लिपि के जरिए बच्चों को यही पता चल सकेगा कि वह कहां पर है। पूरी बिल्डिंग में कहां पर कौन सी कक्षा और कहां पर मैस और टॉयलेट आदि हैं, इस सबको ब्रेल लिपि मैप के जरिए यहां रहने वाले बच्चे पूरी तरह से समझ सकेंगे। बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन सीए राजीव सिंघल ने बताया कि दिल्ली की जो कंपनी स्कूल बिल्डिंग बना रही है उसको आठ महीने का समय दिया गया। इसके बाद यहां बच्चों केएडमिशन शुरू किए जाएंगे।
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फैला रहे अंधेरी जिंदगियों में उजियारा
स्वर्गीय जेडी सिंघल के बेटे सीए राजीव सिंघल ट्रस्ट के बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन हैं। स्वर्गीय आरसी जिंदल के दामाद डॉ. आलोक अग्रवाल ट्रस्ट के सेक्रेट्री हैं। 2013 में ट्रस्ट की तरफ से जाग्रति विहार के सेक्टर छह स्थित ब्रजमोहन स्कूल फॉर द ब्लाइंड की शुरुआत हुई थी। यहां पर तीन साल से 12 साल के दृष्टिहीन बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाती है। वर्तमान में यहां 30 बच्चे पढ़ रहे हैं। ब्रजमोहन स्कूल फॉर द ब्लाइंड के प्रधानाचार्य प्रवीण शर्मा, पत्नी उपासना शर्मा और बेटा वैभव इस स्कूल में रहने वाले बच्चों की देखभाल करते हैं। स्कूल की दो बच्चियों रिदा जेहरा और रितिका को उत्तर प्रदेश सरकार से रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार मिल चुका है।

ट्रस्ट केपदाधिकारी चेयरमैन डीएस वर्मा, वाइस चेयरमैन डॉ. सरोजिनी वासन, सेक्रेट्री डॉ. एके अग्रवाल, ज्वाइंट सेक्रेट्री एसकेशर्मा, ट्रेजरार डीपी सक्सेना, अंकित सिंघल, एके गुप्ता, आरपी गुप्ता और आरडी शर्मा के प्रयासों से पावर फाइनेंस कारपोरेशन दिल्ली की तरफ से तीन करोड़ से अधिक का फंड स्कूल के लिए मिल चुका है।
इन अफसरों ने रखी नींव
साउथ दिल्ली म्युनिसिपल कमिश्नर पुनीत कुमार गोयल, पावर फाइनेंस कारपोरेशन लिमिटेड दिल्ली के सीएमडी राजीव शर्मा और एनबीसीसी दिल्ली के सीएमडी डॉ. अनूप कुमार मित्तल ने बुधवार को स्कूल की नींव रखी।
ये भी रहे मौजूद
नींव रखे जाने के मौके पर देवप्रिया ग्रुप के अशोक गुप्ता, सुरेश गुप्ता, मेरठ कॉलेज प्रबंध समिति अध्यक्ष रामकुमार गुप्ता, हिमांशु संगल, गिरीश मोहन गुप्ता, महेश त्यागी एडवोकेट, डॉ. प्रशांत सोलंकी, डॉ. राहुल मित्तल, डॉ. संजीव गोयल, डॉ. उमंग मित्तल, ज्वैल 111 के सुयश रस्तोगी समेत शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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क्या होती है ग्रीन बिल्डिंग
ग्रीन बिल्डिंग उस बिल्डिंग को कहा जाता है जिसका निर्माण से लेकर रखरखाव पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए किया जाता है। इस तरह की बिल्डिंग में प्रकृतिक संपदा का उपयोग ज्यादा से ज्यादा किया जाता है। इसके अलावा इन बिल्डिंग में बिजली, पानी व अन्य संसाधनों की खपत आम बिल्डिंग से बहुत कम होती है। इसके लिए हाई एनर्जी कंजर्वेशन लैंप, वाटर रिसाइकलिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और फ्लाई ऐश से बनीं ईंटों का इस्तेमाल किया जाता है।
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