आचार संहिता में फंसा गंगापुल निर्माण का पैसा
मेरठ से चांदपुर के बीच दूरी कम करने के लिए हस्तिनापुर में हो रहा निर्माण
शासन में अटकी फाइल, पैसा नहीं मिला तो बरसात के बाद ही बन पाएगा पुल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। हस्तिनापुर के भिकुंड में बनाए जा रहे गंगापुल पर फिर धन का संकट खड़ा हो गया है। चुनाव आचार संहिता लगने के बाद से शासन में फाइल अटकी है। अब 23 मई के बाद ही प्रोजेक्ट पर शासन में सुनवाई होगी। जब तक बजट पास होगा, बरसात शुरू हो जाएगी। ऐसे में बरसात के बाद ही पुल का निर्माण पूरा हो पाएगा।
मेरठ और चांदपुर बिजनौर की दूरी को कम करने के लिए हस्तिनापुर के भिकुंड में गंगा पुल बनाने का निर्णय 2009-10 में लिया था। तब से लेकर आज तक कई सरकारें बदल गईं, लेकिन गंगा पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। वर्तमान में पुल और दोनों तरफ सड़क बनाने का काम चल रहा है। धन की कमी के कारण काम की गति धीमी है। सेतु निगम की बात माने तो पुल निर्माण पर 39 करोड़ 44 लाख रुपये का खर्च आएगा। शासन से सेतु निगम को पूर्व में 35 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। बचे धन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
इसी प्रकार पीडब्लूडी ने भी बढ़े बजट का प्रस्ताव शासन को भेजा है। ऐसे में प्रतीत हो रहा है कि बरसात के बाद ही पुल चालू हो पाएगा। गंगा से मेरठ की तरफ साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। पिछले साल सड़क बनाने का काम शुरू हुआ था। सेतु निगम के अफसरों ने पिछले साल दावा किया था कि मार्च 2019 तक गंगा पुल का निर्माण हो जाएगा। लेकिन उनके दावे फेल हो गए। इसके पीछे धन की कमी का हवाला दिया जा रहा है।
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पुल पर निर्माण कार्य चल रहा है। देरी होने से खर्च बढ़ रहा है। बजट प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। आचार संहिता हटने के बाद ही धन मिल पाएगा। उसके बाद तेजी से काम पूरा कराया जाएगा। हालांकि बरसात में थोड़ी दिक्कत आ सकती है। -एसके अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, सेतु निगम।