फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिल्म सांड की आंख से उम्मीद

विज्ञापन
विज्ञापन
‘जीरो’ ने किया निराश, ‘सांड की आंख’ से आस
विज्ञापन

-फिर बालीवुड की नजरों में आया मेरठ, अजय देवगन तलाश रहे शहर में पुराना घर
शालू अग्रवाल
मेरठ।
आनंद एल राय की जीरो क ी असफलता के बाद अब अनुराग कश्यप की फिल्म सांड की आंख से मेरठ का नाम बॉलीवुड में एक बार फिर सुर्खियों में हैं। शाहरुख खान के अभिनय से सजी फिल्म जीरो मेरठ निवासी बौने की कहानी थी। कटरीना और अनुष्का जैसी बड़ी स्टारकास्ट होने के कारण फिल्म से बहुत उम्मीदें थीं। लेकिन फिल्म फ्लॉप हो गई। इसके चलते जो निर्माता मेरठ और आसपास के जिलों में शूटिंग का मन बना रहे थे, उन्होंने भी इरादा बदल लिया। अब फिर से अनुराग कश्यप शूटर दादी चंद्रो और प्रकाशी तोमर की बायोपिक बना रहे हैं। फिल्म में भूमि पेडनेकर, तापसी पन्नू मुख्य भूमिका में हैं। शूटिंग बागपत और मेरठ के मवाना में चल रही है। सांड की आंख से एक बार फिर निर्माता, निर्देशकों की नजर मेरठ पर है। कईबड़े प्रोजेक्ट एकाएक मेरठ की झोली में आए हैं। निर्माता करन कश्यप फिल्म बागपत का दूल्हा की शूटिंग मेरठ मवाना में करेंगे। प्रोड्यूसर डी कुमार भी अपना नया प्रोजेक्ट मवाना से लांच करने की तैयारी में हैं। अजय देवगन भी अपनी अगली फिल्म के लिए मेरठ में पुराने घर की तलाश में है।
मनोज वाजपेयी, अनिल कपूर जल्द आएंगे
अनुराग कश्यप की सांड की आंख की शूटिंग के बाद प्रोड्यूसर डी. कुमार मवाना में शूटिंग करेंगे। डी कुमार ने अगले प्रोजेक्ट के लिए अनिल कपूर, मनोज वाजपेयी को स्टारकास्ट तय किया है। फिल्म की स्क्रि प्ट रेडी है, शूटिंग जुलाई अगस्त तक शुरू हो सकती है। डी कुमार इससे पहले मवाना में राजपाल यादव अभिनीत फिल्म जाको राखे साईंया कर चुके हैं। मवाना ढिकौली में ही शाहिद कपूर की बहन सना कपूर, गौरव पांडे, रणदीप राय की फिल्म सरोज का रिश्ता की शूटिंग हो चुकी है। नवाजुद्दीन की वेब सीरीज की शूटिंग भी होने की तैयारी है।
विज्ञापन

सरकार ने दिया निर्माताओं को न्योता
प्रदेश सरकार यूपी में फिल्म की शूटिंग करने पर 15 से लेकर 50 प्रतिशत तक की छूट दे रही है। निर्देशक किसी प्रोजेक्ट में यूपी से जुड़े किसी व्यक्ति की कहानी पर फिल्म बनाता है। यूपी के किसी शहर में शूटिंग करता है, उसमें यूपी के कलाकारों को अभिनय का मौका देता है। इन सभी पर अलग अलग छूट की सुविधा है। अगर फिल्म पूरी तरह उप्र पर आधारित है तो प्रदेश सरकार ने उसे प्रदेश में टैक्स फ्री करने का नियम भी है। तमाम छूटों और सुविधाओं के कारण उप्र में फिल्म निर्माण की लागत घटी है। इसका सीधा लाभ निर्माताओं क ो मिल रहा है। इसलिए निर्माताओं का रुख यूपी में फिल्म बनाने में है।
विज्ञापन

गंगा किनारा, पुरानी हवेलियां बेस्ट लोकेशन
निर्माताओं की पहली पसंद गंगा किनारे खादर का इलाका और मवाना की पुरानी हवेलियां हैं। गंगा किनारे खादर में नदी किनारे के दृश्य आसानी से फिल्माए जा सकते हैं। यह इलाका अपने आप में कंप्लीट शूटिंग लोकेशन है। मवाना में हेरिटेज वैल्यू वाली पुरानी हवेलियां और मकान हैं। पुरानी हवेलियों की शूटिंग के लिए अभी निर्देशकों क ो राजस्थान जाना पड़ता है, जहां शूटिंग के लिए मोटी रकम देनी पड़ती है। सभी हवेलियों पर तमाम फिल्मों की शूटिंग होने से दृश्यों में नयापन भी नहीं बचा। मवाना की पुरानी हवेलियां अभी अनछुई हैं। दर्शकों को दृश्यों में कुछ नया मिलेगा। किराया भी खास नहीं इसलिए मेरठ के मवाना में निर्देशकों की रुचि अधिक है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें