संविदा कर्मियों का पैसा दबाने वाले 21 ठेकेदारों पर होगी एफआईआर
- ऊर्जा मंत्री ने शिकायत पर लिया संज्ञान, कहा दो दिन के अंदर पोर्टल पर डाले सूचना
- सूचना नहीं डालने वाले ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
मेरठ। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ने पीवीवीएनएल में आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कार्यरत संविदाकर्मियों का वेतन रोकने वाले 21 ठेकेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इन ठेकेदारों को दो दिन के अंदर वेतन भुगतान, ईपीएफ, ईएसआई और दुर्घटना बीमा आदि के अंशदानों की सूचना पोर्टल पर डालनी होगी। जो ऐसा नहीं करेगा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
पीवीवीएनएल में कर्मचारियों की कमी के चलते आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से लाइनमैन और कंप्यूटर ऑपरेटर आदि संविदा पर रखे हुए हैं। आउटसोर्स ठेकेदार न तो इनका समय से वेतन भुगतान करते हैं और न ही ईपीएफ व ईएसआई का लाभ देते हैं। कर्मचारियों की शिकायत पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सूचना पोर्टल तैयार कराया था। इस पोर्टल पर ठेकेदारों को हर महीने कर्मचारियों का वेतन भुगतान, ईपीएफ, ईएसआई और दुर्घटना बीमे का ब्यौरा अपलोड करना था। लेकिन काफी ठेकेदार इसे अपलोड नहीं कर रहे हैं। कर्मचारियों की शिकायत है कि उन्हें पिछले तीन से चार माह का वेतन ही नहीं मिला है। जांच में पीवीवीएनएल के 21 ठेकेदार ऐसे मिलें है जो न तो वेतन दे रहे हैं और न ही पोर्टल पर सूचना अपलोड कर रहे हैं। इसमें बागपत, बड़ौत, मवाना, खुर्जा, सहारनपुर, डिबाई, देवबंद, नकुड़, बेहट, नोएडा, मिलक, रामपुर, मुरादाबाद आदि के ठेकेदार शामिल हैं। इन सभी को दो दिन के अंदर वेतन, ईपीएफ का भुगतान करके ईएसआई और दुर्घटना बीमा की सूचना पोर्टल पर डालने का समय दिया गया है। इसके बाद इन सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। एमडी आशुतोष निरंजन ने बताया कि ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर 21 एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है।