‘आत्महत्या नहीं कर सकता हमारा बेटा’
कंकरखेड़ा (मेरठ)। देवबंद में आत्महत्या करने वाले दरोगा के परिजन मामले को पूरी तरह से संदिग्ध मान रहे हैं। कहना है कि उनका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। घर में उसका किसी तरह का कोई विवाद नहीं था। वह राजी खुशी तीन दिन पहले ही घर से ड्यूटी पर गया था।
मूल रूप से गांव झंदेड़ी मुजफ्फरनगर निवासी अशोक सिंह करीब तीस साल से श्रद्धापुरी में रह रहे हैं। अशोक आर्मी बेस वर्कशॉप से रिटायर्ड हैं। उनका बेटा कुलदीप सिंह (34) हाल ही में यूपी पुलिस में दरोगा के पद पर भर्ती हुआ था और वर्तमान में उसकी पोस्टिंग देवबंद में थी। कुलदीप के परिजनों ने बताया कि करीब पांच साल पूर्व कुलदीप की शादी शिल्पी से हुई थी। दो बच्चे अवसी व आयुष्मान हैं। कुलदीप के आत्महत्या करने का समाचार परिजनों को बृहस्पतिवार सुबह लगा। कुलदीप की माता बाला देवी हार्ट पेशेंट हैं इसलिए परिवार के अधिकांश सदस्यों को यही बताया गया कि कुलदीप का एक्सीडेंट हुआ है और वह अस्पताल में है।
देर शाम परिजनों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह कैसे मान लें कि कुलदीप ने आत्महत्या की है। यह सुनने में जरूर आया कि थाना प्रभारी से उसका कोई विवाद था। थाना प्रभारी उसका उत्पीड़न कर रहा था। लेकिन महज इस बात से परेशान होकर कुलदीप कैसे सुसाइड कर सकता है। वह थाना प्रभारी की सीनियर अफसरों से शिकायत कर सकता था। नौकरी छोड़कर घर आ सकता था। लेकिन इतना बढ़ा कदम कैसे उठा सकता था। यह बात परिजनों के गले नहीं उतर रही है। कुलदीप के बड़े भाई संदीप का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उचित जांच के बाद ही वह स्पष्ट रुप से कुछ कहेंगे और मामले की पूरी तह तक जाएंगे। आरोपियों को सजा दिलाएंगे। वहीं, घटना का पता चलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। कुलदीप की पत्नी और परिजन देवबंद पहुंच गए। समाचार लिखे जाने तक परिजन व रिश्तेदार शव पहुंचने का इंतजार कर रहे थे।