मेरठ। जिला अस्पताल में सोमवार को एक किशोरी करीब डेढ़ घंटे तक इलाज के लिए तड़पती रही। लेकिन चिकित्सक उसे देखने नहीं पहुंचे। इस दौरान उसके परिजन वहां चिल्लाते रहे। बाद में मामला जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक के संज्ञान में आया तो उन्होंने चिकित्सकों को सख्त हिदायत दी।
वाकया दोपहर करीब 12 बजे का है। रशीदनगर निवासी अलीशा (14) को तेज बुखार और दौरे की शिकायत थी। वह पहले इमरजेंसी वार्ड में भर्ती थी। बाद में आईसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया था। वह काफी परेशान थी। उसके परिजन चिल्लाते रहे कि चिकित्सक उसे देख लें। लेकिन दोपहर डेढ़ बजे तक कोई चिकित्सक नहीं आया। इसके बाद चिकित्सक वहां पहुंचे और उसका इलाज शुरू हुआ।
इस संबंध में जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल का कहना है कि आईसोलेशन वार्ड में मरीजों को देखने वाले चिकित्सक बाहर गए हुए हैं, जिस कारण एक ही चिकित्सक पर कई जिम्मेदारियां हैं। उन्होंने सभी चिकित्सकों को हिदायत दी है कि इलाज में किसी तरह की कोई लापरवाही न बरती जाए।
डीएम से की पीड़ित परिवार ने इलाज की मांग
मेरठ। इलाज के प्रति चिकित्सकों द्वारा उदासीनता बरते जाने से नाराज कांच का पुल अहमद नगर निवासी एक पीड़ित परिवार सोमवार को डीएम कार्यालय पहुंचा। गरीब मजदूर मुस्तफा ने बताया कि उसका पुत्र अनस (11) कई दिनों से बीमार है। अपने लड़के के इलाज के लिए वह दर-दर भटक रहा है। उसने डीएम के नाम पत्र में आग्रह किया है कि उसके लड़के का सरकारी अस्पताल में व्यापक रूप से इलाज कराया जाए।