टंकी से नहीं उतरे किसान, आमरण अनशन का एलान
मेरठ। शताब्दीनगर में र्नई भूमि अधिग्रहण नीति के तहत मुआवजे की मांग कोे लेकर टंकी पर चढ़े किसान सोमवार को भी नहीं उतरे। हालांकि टंकी पर चढ़े कई लोगाें की हालत बिगड़ने लगी है जिस पर चिकित्सकों की टीम ने मौके पर जाकर उनका उपचार किया। शाम को अधिकारियों ने भी समझाया। लेकिन किसान नहीं माने।
शनिवार को शताब्दीनगर में किसान टंकी पर चढ़े थे। साथ ही भाकियू नेता विजयपाल घोपला भी अनशन कर रहे हैं। गत दिवस अधिकारियों ने किसानों से अपील की, लेकिन किसान नहीं माने। कहा कि लिखित में प्रशासन उन्हें आश्वासन दे, तभी वह टंकी से उतरेंगे।
रविवार को विधायक सोमेंद्र तोमर ने भी किसानों को समझाने की कोशिश की थी, पर किसान नहीं माने। सोमवार को भी महिला किसान भी टंकी पर ही रहीं। दरअसल यहां घोपला, रिठानी, जैनपुर व अछरौंडा गांव के किसान नई भूमि अधिग्रहण नीति के तहत मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। शाम को सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ ब्रह्मपुरी पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद रात को तहसीलदार एमडीए करनवीर सिंह किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने समझाया कि वे अपनी बात लिखित में दें ताकि उसे सही पटल तक पहुंचाकर कुछ मदद की जा सके। देर रात तक भी किसान के साथ तहसीलदार की वार्ता चल रही थी।
अनशन पर बैठेंगे।
किसान नेता विजयपाल घोपला ने कहा कि प्रशासन को किसानों की कोई भी चिंता नही है जिससे किसान गुस्से में हैं। बताया कि मंगलवार से तीन दर्जन किसान भी आमरण अनशन पर बैठेंगे। इस दौरान संजय दौरालिया, धर्मवीरी, आेंकारी, उमेश चौधरी, कमलेशी, महकार सिंह, गौमती, विजेंद्र, कविता आदि मौजूद रहे।
खास बातें:
शाम को पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ ब्रह्मपुरी तथा तहसीलदार एमडीए