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पूर्व प्राचार्य ने वापस ली मैनेजमेंट के खिलाफ शिकायत

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मेरठ। परीक्षाओं में लापरवाही को लेकर हटाईं गईं मेरठ कॉलेज की पूर्व प्राचार्य बी. कुमार ने बुधवार को मैनेजमेंट पदाधिकारियों पर लगाए आरोप वापस लेते हुए कुलपति को पत्र लिख दिया है। इसके बाद मैनेजमेंट से उनको राहत मिल गई है। बी. कुमार अब कॉमर्स विभागाध्यक्ष पद पर बनी रहेंगी।
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मेरठ कॉलेज में 14 मार्च को एमकॉम और एलएलबी के पेपर गलत बांट दिए गए थे, इस मामले में पूर्व प्राचार्य बी. कुमार ने कर्मचारियों की ड्यूटी बदल दी थी। इसके विरोध में कर्मचारियों ने परीक्षा बहिष्कार का ऐलान कर दिया था। इसकी शिकायत उन्होंने कॉलेज के अवैतनिक मंत्री अरविंद नाथ सेठ से की थी। पेपर गलत बांटे जाने के अलावा बीए की परीक्षा में एक छात्र को नकल करते हुए फ्लाइंग स्क्वायड ने पकड़ लिया था जिसके बाद एक छात्रसंघ पदाधिकारी दबंगई दिखाते हुए उसको वहां से ले गया था।
इस मामले में भी प्राचार्य की तरफ से रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी। इन सारे मामलों को देखते मैनेजमेंट ने आपात बैठक बुला ली थी। मैनेजमेंट पदाधिकारियों की बैठक में बी. कुमार पर परीक्षाओं में लापरवाही बरतने के आरोप साबित होने के बाद उनको प्राचार्य पद से हटा दिया गया था। उनके खिलाफ पांच सदस्यीय जांच कमेटी बना दी गई थी। उन्हें कॉमर्स डिपार्टमेंट में विभागाध्यक्ष के पद पर ज्वाइन करा दिया गया था। उनकी जगह मैनेजमेंट ने डॉ. युद्धवीर सिंह को कार्यवाहक प्राचार्य बनाया था। इसके बाद बी. कुमार ने कुलपति से मैनेजमेंट की शिकायत कर दी थी। मैनेजमेंट पर उन्होंने ऐसे आरोप लगाए थे जिसके कोई सुबूत उनके पास नहीं थे। इसके चलते मैनेजमेंट ने बुधवार को आपात बैठक बुला ली थी। इसमें बी. कुमार के खिलाफ कार्यवाही किए जाने की बात सामने आ रही थी। बुधवार को मेरठ कॉलेज में हुई मैनेजमेंट पदाधिकारियों की बैठक में बी. कुमार द्वारा अपनी शिकायत वापस लेने की बात सामने आई। उनके द्वारा कुलपति को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दे दी गयी है। इस पूरे प्रकरण के बाद मैनेजमेंट की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। डॉ. बी कुमार के रिटायर होने में कुछ ही समय बचा है। वे रिटायरमेंट तक कॉमर्स विभागाध्यक्ष रहेंगी।
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नई टीम के बाद कॉलेज में सुधरा है माहौल
बता दें कि मैनेजमेंट ने जब से डॉ. युद्धवीर सिंह को प्राचार्य और डॉ. वीरेंद्र सिंह को चीफ प्रॉक्टर बनाया है, तब से मेरठ कॉलेज में माहौल बदला है। परीक्षाओं में नकल रोकने को खूब सख्ती की गई है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने आउट साइडर की एंट्री भी बैन कर दी है। जो बाहरी छात्र कॉलेज का माहौल बिगाड़ रहे थे। उन पर नए सत्र में और भी सख्ती होगी।
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