मेरठ। नकली रोडवेज बसों को लेकर चौतरफा मचे हल्ले के बाद आरटीओ प्रवर्तन टीम के जागते ही बसें रूट से गायब होने लगी हैं। बुधवार को टीम की सूचना मिलने पर दिल्ली रोड पर तो नकली रोडवेज बसों का संचालन नहीं हुआ। लेकिन गढ़ रोड पर ये दौड़ती मिलीं। जहां से दो बसें सीज कर मेडिकल थाने भिजवा दिया गया।
शहर से दिल्ली, गढ़, मुरादाबाद आदि रूटों पर दौड़ रहीं नकली रोडवेज बसें सरकारी राजस्व को लगातार चूना लगा रही हैं। सत्ताधारी नेताओं के संरक्षण में चल रही बसों को पकड़ने के लिए जिम्मेदार विभाग दबाव में इन पर हाथ नहीं डालते। इस मामले को अमर उजाला ने उठाया तो आरटीओ प्रवर्तन के साथ ही पुलिस भी हरकत में आई। अब तक चले अभियान में करीब बीस बसों को सीज किया गया है। बुधवार को एआरटीओ प्रवर्तन दीपक कुमार शाह ने इन नकली बसों को पकड़ने के लिए टीम के साथ दिल्ली रोड पर डेरा जमाया तो बस ऑपरेटरों ने संचालन ही बंद कर दिया।
टीम दोपहर तक इन बसों का इंतजार करती रही। लेकिन कोई बस हाथ नहीं लगी। दूसरी तरफ गढ़ रोड पर एआरटीओ प्रवर्तन दिनेश कुमार ने दो डग्गामार बसों को सीज किया। आरटीओ प्रवर्तन ओपी सिंह ने बताया कि नकली रोडवेज बसों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा।