मेरठ। जीवन में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिये पवित्र पुरुषों की संगति करनी चाहिए। पवित्र आत्माओं के पुण्य प्रभाव से जन्म-जन्म के पाप छिन्न-भिन्न हो जाते हैं। हस्तिनापुर की पावन धरती पर जैन धर्म के तीन तीर्थंकरों के जन्म दीक्षा एवं ज्ञान इस प्रकार कुल 12 कल्याणक हुए हैं। ऐसी पवित्र भूमि हस्तिनापुर की पैदल यात्रा का आयोजन आज दस अप्रैल को जैन नगर से होगा।
यह जानकारी आचार्य विजय नित्यानंद महाराज ने सोमवार को जैन स्थानक में दी। उन्होंने बताया कि पैदल यात्रा में एक हजार श्रद्धालु जैन संतों के साथ तीन दिन में हस्तिनापुर तीर्थ पहुुंचेंगे। यात्रा संघ में शामिल होने के लिए विभिन्न राज्यों से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच गए हैं। पैदल यात्रा के दौरान सभी को प्रतिदिन एकाशना तप, भूमि शयन, ब्रह्मचार्य पालन, जमीकंद व रात्रि भोजन त्याग भगवान की पूजा अर्चना, व्याख्यान श्रवण, सामायिक तथा प्रतिक्रमण करना अनिवार्य होगा। यात्रा संघ में बैंड बाजे, हाथी घोड़े, झांकियां, संगीत पार्टियां, शहनाई, ढोल नगाड़े व भगवान का रथ होंगे।
आत्मनंद जैन सभा जैन नगर, सदर के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा संघ में मेरठ निवासी अशोक कुमार सुशीला देवी रजनीश जैन परिवार और मध्यप्रदेश की लीला देवी शांतिलाल कोचर परिवार ने संघपति बनने का पुण्य अर्जित किया है। यह पैदल यात्रा जैनाचार्य के दीक्षा एवं वर्षीतप के अर्ध शताब्दी वर्ष अनुमोदनार्थ आयोजित की जाएगी। आचार्य जयानंद सूरी, आचार्य वसंत सूरी, साध्वी प्रगुणाश्री, साध्वी अमितगुणाश्री, साध्वी प्रीतिरत्नाश्री, साध्वी चन्द्रायणश्री आदि सहित अन्य साधु संत इसमें भाग लेंगे। पैदल यात्रा के शुभारंभ से पूर्व सोमवार को गच्छाधिपति विजय नित्यांनद सूरीश्वर महाराज का पूरे उत्साह से जैन नगर में मंगल प्रवेश हुआ। इस दौरान उन्होंने जैन स्थानक में श्रद्धालुओं को मंगल पाठ भी सुनाया।