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हाईस्कूल में दो विषयों में फेल होने पर भी मिलेगा मौका

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मेरठ। यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल पर नकेल कसे जाने का असर पहले परीक्षा के दौरान दिखा और बाद में मूल्यांकन में। अब रिजल्ट आने से पहले विद्यार्थी नियमों की जानकारी में उलझे हैं कि कितने विषयों में फेल होने या कम अंक आने पर भी उन्हें पास माना जाएगा। ऐसे विद्यार्थी यूपी बोर्ड कार्यालय और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में इस संबंध में जानकारियां कर रहे हैं। मेरठ में इस बार 85 हजार से ज्यादा छात्रों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा दी है।
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हाईस्कूल में छह विषय हैं। यूपी बोर्ड के नियमों के मुताबिक अगर कोई परीक्षार्थी पांच विषयों में पास और किसी एक विषय में फेल होता है या फिर एक विषय के पेपर में अनुपस्थित रहता है तो भी वह पास माना जाएगा। अगर वह चाहे तो एक विषय की कंपार्टमेंट परीक्षा दे सकता है। कंपार्टमेंट परीक्षा जुलाई में कराई जाती है। दूसरी तरफ, अगर विद्यार्थी हाईस्कूल के दो विषयों में फेल हो जाता है तो उसे एक विषय की कंपार्टमेंट परीक्षा देने का अवसर मिलेगा, जिसमें उत्तीर्ण होने के बाद उसे पास की मार्कशीट मिल जाएगी, भले ही वह दूसरे विषय में फेल ही हो।
वहीं, इंटरमीडिएट में सभी मुख्य विषयों के दो-दो पेपर होते हैं। अगर परीक्षार्थी ने एक पेपर की परीक्षा में 27 अंक अर्जित कर लिए हैं और दूसरे में फेल हो गया या अनुपस्थित है, तब भी उसे पास कर दिया जाएगा। बोर्ड उसे दूसरे पेपर में 8 अंक का ग्रेस देकर पास कर देगा। अगर परीक्षार्थी ग्रेस अंक के साथ भी फेल होने की स्थिति में हो तो उसे फेल ही माना जाएगा। इंटरमीडिएट में कंपार्टमेंट परीक्षा देने की व्यवस्था नहीं है।
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विद्यार्थियों को नहीं बदलाव की जानकारी
यूपी बोर्ड में परीक्षा में पास होने के नियमों में बदलाव की जानकारी कई विद्यार्थियों को नहीं है। बोर्ड ने हाईस्कूल में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक और इंटर में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक निर्धारित किए हैं। सभी विषयों में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम प्रतिशत लाना अनिवार्य है। -गिरजेश चौधरी, जिला विद्यालय निरीक्षक
मई के पहले सप्ताह में रिजल्ट
पिछले साल के मुकाबले इस बार पहले परीक्षा और मूल्यांकन संपन्न हो गया है। लिहाजा यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का रिजल्ट इस बार मई के प्रथम सप्ताह में आने की उम्मीद है। पिछली बार जून के दूसरे सप्ताह में रिजल्ट आया था। -राणा सहस्त्रांशु सुमन, क्षेत्रीय सचिव यूपी बोर्ड
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खास बातें:
- इंटरमीडिएट में एक पेपर में ग्रेस अंक की सुविधा
- उत्तीर्ण होने के नियमों की जानकारी कर रहे विद्यार्थी
- मेरठ से 85 हजार से ज्यादा छात्रों ने दी है परीक्षा
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