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आईएमए का कार्यक्रम

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अभी ट्रेलर दिखाया, सरकार को फिल्म दिखाना बाकी
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विनय अग्रवाल ने कहा कि क्लीनिकल एस्टेबल्शिमेंट एक्ट पर सरकार गंभीर नहीं है। छह जून को दिल्ली में किया गया आंदोलन सिर्फ ट्रेलर था, अगर मांगे नहीं मानी गई और इसी तरह चिकित्सकों का उत्पीड़न हुआ तो सरकार को पूरी फिल्म भी दिखा देंगे।
डॉ. विनय अग्रवाल रविवार को आईएमए हॉल में आयोजित वार्षिक अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि आए हुए थे। उन्होंने बताया कि एक डॉक्टर को बनने में करीब 10 से 15 वर्ष लग जाते हैं और इसके बाद प्रैक्टिस की शुरुआत करने पर सरकार तरह-तरह के नए नियम कानून में उन्हें बांधाना चाहती है, जिससे वे हतोत्साहित होंगे। यह हालात तब हैं, जबकि देश का करीब 80 प्रतिशत स्वास्थ्य प्राइवेट चिकित्सक संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में पढ़ाई कर रहे भावी डॉक्टरों को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही जनता का भी सहयोग लिया जाएगा। दो अक्तूबर को देशव्यापी अनशन किया जाएगा। इस संबंध में 23 और 24 सितंबर को दिल्ली में बैठक आयोजित कर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
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वहीं, राष्ट्रीय सचिव डॉ. आरएन टंडन ने आगामी आंदोलन के लिए कमर कसने और एकजुट रहने की अपील की। इस दौरान आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विनय गुप्ता ने मेरठ आईएमए के सालभर के क्रियाकलापों प्रशंसा की। नि:शुल्क वरिष्ठ नागरिक क्लीनिक जैसे प्रयासों को देश भर के लिए प्रेरणा लेने लायक बताया।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विनय अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथियों ने किया। आईएमए सचिव डॉ. रेणु भगत ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. मनीषा तोमर ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। अध्यक्ष डॉ. वीरोत्तम तोमर ने शाखा की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आईएमए लगातार चिकित्सकों तथा सामाजिक हितों पर अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। इस दौरान डॉ शांतिस्वरूप द्वारा संपादित स्मारिका का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में आईएमए के प्रदेश सचिव डॉ. राजेश सिंह, सीजीपी के डायरेक्टर डॉ. राजीव वार्ष्णेय, डॉ. शरद अग्रवाल, चंडीगढ़ से मेडिको लीगल एक्सपर्ट डॉ. नीरज नागपाल, मैक्स अस्पताल पटपड़ गंज तथा वैशाली के चिकित्सक डॉ. कनिका गुप्ता, डॉ. एनपी सिंह, डॉ विभु, डॉ. यशपाल बुंदेला, डॉ. संजय पाठक, डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. शरद अग्रवाल, डॉ. बीएस मूर्ति, डॉ. दीपक अरोड़ा, डॉ. उपवन, डॉ. गिरीश राजपाल तथा मेरठ के जिगर रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके त्यागी, मैक्स के न्यूरोसर्जन डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. भूपेंद्र चौधरी, डॉ. तनुराज सिरोही समेत करीब 500 चिकित्सक मौजूद रहे।

डॉक्टरों ने बीमारियों से भी किया सचेत
मैक्स से गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरू ने उच्च रक्त चाप व शुगर को किडनी फेल होने का मुख्य कारण बताया। डॉ. मीनू वालिया ने महिलाओं में होने वाले विभिन्न कैंसर रोगों को शुरुआत में पकड़ने तथा इलाज में टेस्ट को काफी उपयोगी बताया। डॉ. संदीप अग्रवाल कैंसर रोग विशेषज्ञ ने पुरुषों में होने वाले कैंसर में धूम्रपान को सबसे प्रमुख कारण बताया। इस अधिवेशन में अधिकतर रोगों की रोकथाम तथा नई तकनीकों से चिकित्सकों को अवगत कराया गया। अधिवेशन के आयोजक चेयरमैन डॉ. एम के बंसल तथा सचिव डॉ. अमित उपाध्याय रहे।
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डॉक्टरों ने प्रस्तुत किए रंगारंग कार्यक्रम
अधिवेशन के बाद रात में डॉक्टरों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें चिकित्सकों ने अपनी कला से मंत्रमुग्ध कर दिया।

ये हैं आईएमए की मांगें
एसोसिएशन द्वारा केंद्र सरकार से मांग की जा रही है कि क्लीनिकल एस्टेबल्शिमेंट एक्ट 2010 पर पुनर्विचार हो, जिससे आम जनता को कम खर्च में सुलभ इलाज मिल सके। चिकित्सकों व उनके प्रतिष्ठानों पर तोड़फोड़ व हिंसा के लिए देशव्यापी सख्त कानून बने। चिकित्सकों की चिकित्सा परामर्श की स्वतंत्रता बनी रहे। नेशनल मेडिकल कांउसिल का विरोध तथा एमसीआई के पुनर्गठन मेें चिकित्सकों की शत प्रतिशत भागीदारी हो। एमबीबीएस के बाद होने वाले एग्जिट एग्जाम पर रोक लगे, जिससे चिकित्सकों का मानसिक शोषण न हो सके। इसके अलावा पीसीपीएनडीटी एक्ट पर पुनर्विचार हो तथा रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सकों की कागजी त्रुटियों पर अनावश्यक शोषण बंद हो।
खास बात
आईएमए के कार्यक्रम में केंद्र सरकार पर भड़के डॉक्टर, दो अक्तूबर को करेंगे देशव्यापी अनशन
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