मेरठ। जिले में हुए अवैध निर्माण और अतिक्रमण संबंधी बैठक में कमिश्नर डॉ. प्रभात कमार ने कहा कि बड़े अवैध निर्माणकर्ताआें की सूची सार्वजनिक की जाए।
शनिवार को हुई बैठक में उन्होंने अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, ग्रीन बेल्ट पर हुए अतिक्रमण को हटवाकर उसको वॉकिंग प्लाजा के रूप में विकसित करने, शमन योग्य मामलों के निस्तारण के लिए एमडीए को लोक अदालत लगाने और मोबाइल कंपाउडिंग की व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए। एमडीए, नगर निगम व आवास विकास परिषद के अधिकारियों की बैठक में कमिश्नर ने कहा कि जिन भवन स्वामियों को ध्वस्तीकरण आदेश दिए जा चुके हैं, वह स्वयं अपने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दें।
28 व 29 को लोक अदालत लगेगी
मेरठ विकास प्राधिकरण शमन योग्य मामलों के निस्तारण के लिए 28 व 29 अगस्त को अपने परिसर में लोक अदालत का आयोजन करेगा। इस बाबत विज्ञापन प्रकाशित होगा। 10 अगस्त तक आवेदन लिए जाएंगे और 15 दिनों में उसका सत्यापन होगा। 28 व 29 को लोक अदालत लगाकर उसका निस्तारण किया जाएगा। जिस किसी भू स्वामी को कभी भी कोई नोटिस नहीं मिला है वह भी इसमें आवेदन कर सकता है। उन्होंने एमडीए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह मौके पर शमन करने के लिए मोबाइल कंपाउडिंग की व्यवस्था शुरू करें।
अफसरों से मांगी सूची
आयुक्त ने एमडीए अफसरों को निर्देश दिए कि कितनी अवैध कॉलोनियां प्राईवेट डेवलपर्स द्वारा बनायी गयी हैं, उसकी सूची दें तथा अवैध कॉलोनियों में कितना कार्य अवस्थापना निधि से, कितना कार्य एमडीए एवं नगर निगम द्वारा कराया गया है, इसकी आख्या दें। तलपट मानचित्र के कितने मामले लंबित हैं, उसकी सूची बनाएं तथा अगली बोर्ड बैठक में प्रस्तुत करें। उन्होंने श्रद्धापुरी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की पाइप लाइन में आ रही दिक्कतों को ठीक कराने के भी निर्देश दिए।
717 डेयरी सफाई में बाधा
नगरायुक्त मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जिले में 717 पशु डेयरी संचालित हैं, जिनमें 9836 पशु हैं। जिनसे करीब 145 मैट्रिक टन गोबर प्रतिदिन निकलता है और वह नाले में बहता है, जिसके कारण नाला सफाई अभियान में अपेक्षित सफलता पर प्रभाव पड़ता है। इस अवसर पर वीसी एमडीए सीताराम यादव, आवास विकास परिषद के संयुक्त आयुक्त महेंद्र प्रसाद, नगर निगम के मुख्य अभियंता केबी वार्ष्णेय, एमडीए के अधिशासी अभियंता पीपी सिंह, आवास विकास के अधिशासी अभियंता डीके गुप्ता, प्रमोद कुमार, बिशंबर सिंह आदि मौजूद रहे।
खास बात
- मंडलायुक्त ने अफसरों की बैठक में दिए दिशा निर्देश
- ग्रीन बेल्ट को अतिक्रमण मुक्त कर वॉकिंग प्लाजा के रूप में विकसित करें