फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बसपा से नदीम और केपी को बाहर का रास्ता दिखाया

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। बसपा में अब नदीम चौहान और केपी मावी को निष्कासित कर दिया गया है। नदीम सिवालखास विस क्षेत्र से चुनाव लड़े थे, तो मंडल में गुर्जर समाज के लोगों को जोड़ने के लिए केपी मावी को लगाया गया था।
विज्ञापन

बसपा में कभी भी किसी का भी निष्कासन हो सकता है। अधिकतर का कारण एक ही रहता है, अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहना। इस बाबत जिलाध्यक्ष मोहित कुमार ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि उच्च निर्देशों पर यह कदम उठाया गया है। नदीम चौहान दरअसल उस समय से चर्चा में आए थे, जब बसपा में राष्ट्रीय महासचिव रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी को हटाया गया। बसपा सुप्रीमो मायावती ने खुद कहा कि सदस्यों पर सदस्यता शुल्क की किताबें थी। खास तौर पर नदीम का नाम आया कि उन्होंने शुल्क और किताबें जमा नहीं की थीं। इस बाबत जब नसीमुद्दीन से हिसाब मांगा गया तो उन्होंने नदीम का नाम लिया। कहा कि वहां से अभी किताबें जमा नहीं की गई। बसपा सुप्रीमो ने नदीम को सामने पेश करने को कहा तो नसीमुद्दीन नदीम को पेश नहीं कर पाए।
यह मामला तभी से भीतर ही भीतर पक रहा था। नसीमुद्दीन को तो बाहर कर दिया गया। लेकिन अंदरूनी जांच भी की जा रही थी। हालांकि नदीम का कहना है कि वह तो हिसाब-किताब पूरा कर चुके। नदीम लगातार बैठकों में भी सक्रिय भूमिका में नजर आ रहे थे। लेकिन रविवार को अचानक उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
विज्ञापन

मावी को भी हटाया
गुर्जर समाज को जोड़ने के लिए मंडल स्तर पर कुशलपाल मावी को लगाया गया था। उन्हें भी नसीमुद्दीन सिद्दीकी से ही जोड़ा जा रहा है। नदीम के साथ ही अचानक उन्हें भी पार्टी से बाहर कर दिया गया है। दरअसल बसपा में यह पहली बार नहीं हो रहा है। पूर्व सांसद शाहिद अखलाक से लेकर तमाम ऐसे दिग्गजों को पार्टी से निष्कासित किया गया है जो अहम भूमिका में नजर आ रहे थे। विधानसभा चुनाव से ऐन पहले भी कई को निष्कासित किया गया।
कोट
नसीमुद्दीन सिद्दीकी के जो लोग समर्थक थे, वे तो उनके साथ चले ही गए। मेरी भी समझ में नहीं आ रहा है कि मुझे क्यों हटाया गया। मैंने बसपा सुप्रीमो से मिलने का समय मांगा है। मैं उनके सामने ही अपनी बात रखूंगा कि आखिर मेरी क्या गलती है? मैं तो बसपा का वफादार सिपाही हूं। -नदीम चौहान
विज्ञापन

खास बात
- नसीमुद्दीन प्रकरण में सदस्यता की किताब जमा न करने पर चर्चा में आए थे
- नदीम के साथ ही केपी मावी को भी दिखाया बाहर का रास्ता
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें