मेरठ में मेडिकल कॉलेज के बाहर खड़ीं 17 प्राइवेट एंबुलेंस सीज कर दी गईं। चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना के निर्देश पर पुलिस ने कार्रवाई की। एंबुलेंस के संचालक मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराते थे। इसकी शिकायत मंत्री से की गई थी।
सुरेश खन्ना शुक्रवार मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण करने आए थे। भाजपा महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल ने मंत्री से कहा कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बाहर कुछ एंबुलेंस खड़ी रहती हैं। एंबुलेंस के ड्राइवर और दलाल मरीजों और तीमारदारों को झांसे में लेकर प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज कराने के लिए ले जाते हैं। इसके लिए उन्हें मोटी रकम मिलती है।
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इसकी शिकायत कई मरीज और तीमारदारों ने की है, इसके बावजूद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। मंत्री ने डीएम व एसएसपी को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने टीम बनाकर इमरजेंसी के बाहर खड़ी 17 गाड़ी सीज कर दीं और फिर उन्हें थाने में ले आए।
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि एंबुलेंस के ड्राइवर मौके से भाग गए थे। सभी एंबुलेंस के ड्राइवरों से गाड़ी की जानकारी और रजिस्ट्रेशन के बारे में पूछा जाएगा।
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