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फिर शुरू हुई मनमानी, प्रचार सामग्री से ढक दिए डायरेक्शन बोर्ड

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मेरठ। शहर में बीओटी मार्गों पर लगे यूनिपोल पर बने डायरेक्शन बोर्ड फिर से प्रचार सामग्री से ढकने शुरू हो गए हैं। ऐसे में लोगों को मुख्य मार्गों से जुड़ने वाले इलाके और प्रतिष्ठानों की जानकारी नहीं मिल पा रही है। बीओटी ठेकेदार फिर से मनमानी करने लगे हैं, लेकिन निगम अफसर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं।
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नगर निगम ने शहर के छह मुख्य मार्ग अभिनव एडवरटाइजिंग एजेंसी को वर्ष 2013 में बीओटी पर दिए थे। निगम और बीओटी ठेकेदार के बीच कुछ शर्तों के साथ अनुबंध हुआ था। जिसमें ठेकेदार को जहां डिवाइडर, ग्रिल, स्ट्रीट लाइट के खम्भों की रंगाई पुताई करने की जिम्मेदारी दी गयी वहीं लाइटों को जलाने बुझाने और हरित पटटी के पेड़ों का रखरखाव करना था। इसकी एवज में स्ट्रीट लाइट के खम्भों पर डायरेक्शन बोर्ड लगाने थे। बीओटी ठेकेदार ने बीओटी की सभी शर्तों को ही बदल दिया। न तो साल में दो बार रंगाई पुताई का काम हुआ और न ही स्ट्रीट लाइट को जलाने बुझाने समेत हरित पटटी के रखरखाव पर भी कोई काम नहीं हुआ।
खंभों की बजाय यूनिपोल पर लगे डायरेक्शन बोर्ड
अनुबंध की शर्तों में भले ही स्ट्रीट लाइट के खम्भों पर डायरेक्शन बोर्ड लगाने की अनुमति मिली हो, लेकिन ठेकेदार ने अपनी कमाई के लिए नियमों को ही ताक पर रख दिया। यूनिपोल पर ही डायरेक्शन बोर्ड लगा दिए गए हैं, वहीं जगह-जगह अवैध यूनिपोल भी नजर आ रहे हैं। पिछले सप्ताह तूफान की सूचना पर निगम के निर्देश पर ठेकेदार ने यूनिपोल से प्रचार सामग्री हटा दी थी। जिसके बाद सभी यूनिपोल पर लगे डायरेक्शन बोर्ड दिखने लगे थे। हालांकि कई स्थानों पर लगाए गए डायरेक्शन बोर्ड गलत थे। नगर निगम अधिकारियों न तो अवैध यूनिपोल ही हटवाए और न ही गलत डायरेक्शन बोर्ड।
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निगम अफसरों की लापरवाही के कारण बीओटी ठेकेदार ने दिल्ली रोड, गढ़ रोड आदि सभी बीओटी मार्गों पर लगे यूनिपोल पर डायरेक्शन बोर्ड के ऊपर भी प्रचार सामग्री लगानी शुरू कर दी। निगम होर्डिंग विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। जबकि अपर नगरायुक्त अमित सिंह पिछले सप्ताह होर्डिंग प्रभारी की भूमिका को संदिग्ध बताया था तथा स्पष्टीकरण भी मांग लिया था।

बीओटी ठेकेदार को तीन दिन का अल्टीमेटम
मेरठ। अपर नगरायुक्त अमित सिंह ने बीओटी ठेकेदार को नोटिस जारी करके तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। जिसमें अपर नगरायुक्त ने जहां अनुबंध की शर्तों के मुताबिक बीओटी मार्गों पर काम न होने पर नाराजगी जतायी है। बीओटी ठेकेदार को चेतावनी दी गयी है कि वह तीन दिन के भीतर अपनी विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करें अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
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