टिकौला शुगर मिल पर बंदी का नोटिस चस्पा
- दिन-प्रतिदिन घट रही है गन्ना आपूर्ति, 28 तक बंद हो सकती है मिल
बहसूमा। 28 अप्रैल से टिकौला शुगर मिल को बंद करने का नोटिस चस्पा कर दिया गया है। नोटिस चस्पा होते ही किसानों में खलबली मची है। 15 दिन पहले मिल बंद होने से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अभी किसानों के पास काफी संख्या में गन्ना खड़ा है। मिल बंद होने की स्थिति में किसान गन्ने को कोल्हू पर डालने को मजबूर होंगे। मिल अधिकारियों के अनुसार मिल बंद करने का कारण पेराई क्षमता 75 से बढ़ाकर 95 हजार क्विंटल माना जा रहा है।
टिकौला शुगर मिल ने पेराई सत्र समेटने की तैयारी शुरू कर दी है। मिल ने 86 सेंटरों में से 30 सेंटरों पर गन्ना खरीद बंद कर दी है। मिल ने बंदी का नोटिस 28 अप्रैल अंकित कर चस्पा करा दिया है। जिससे अधिक से अधिक संख्या में किसान गन्ना डाल सकें। नोटिस से किसानों में खलबली मची हुई है। मिल के अध्याशी अध्यक्ष महेश चंद शर्मा ने बताया कि जब तक किसानों का गन्ना खेत में खड़ा है मिल गन्ने की खरीद करेगा। शर्मा ने बताया कि मिल की पेराई क्षमता 75 हजार से बढ़ाकर 95 हजार क्विंटल से गन्ना अप्रैल के अंत तक समाप्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि मिल में दिन-प्रतिदिन गन्ने की आपूर्ति घटती जा रही है। यही हाल रहा तो मिल 30 अप्रैल तक बंद हो जाएगी।
वहीं रामराज गन्ना समिति के सचिव महिपाल सिंह का कहना है कि जब तक किसानों के पास गन्ना है तब तक मिल बंद नहीं की जा सकती। रामराज खादर क्षेत्र में अभी दो लाख क्विंटल गन्ना खेतों में खड़ा है। हाईकोर्ट व गन्ना आयुक्त का निर्देश है कि यदि किसानों के खेतों में खडे़ गन्ने पर मिल बंद होती है तो मिल को किसान के खडे़ गन्ने का भुगतान देना पडे़गा। गन्ना समितियों की एनओसी के बिना मिल को बंद नहीं किया जा सकता है।
बहसूमा। बैराज पुल पर एक माह तक भारी वाहनों के आवागमन के बंद रहने से टिकौला शुगर मिल से जुड़े गांव जगजीवनपुरी के गन्ना किसानों के सामने मिल में आपूर्ति का संकट खड़ा हो गया है।
टिकौला शुगर मिल रामराज का बैराज गंगा के उस पर जगजीवनपुरी पार्ट 2 का एक गन्ना सेंटर है। सेंटर से जुडे़ किसानों का करीब पांच हजार क्विंटल गन्ना अभी खेतों में खड़ा है। बैराज गंगा पुल क्षतिग्रस्त होने से करीब एक माह के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से मरम्मत कराने के लिए भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। जिससे मिल से जुडे़ किसानों के सामने गन्ना आपूर्ति का संकट खड़ा हो गया है। वहीं इस संबंध में मिल डीजीएम ऋषिराज शर्मा का कहना है कि जग जीवनपुरी सेंटर से जुडे़ किसानों के गन्ने की आपूर्ति दूसरी मिल में व्यवस्था कराई जाएगी।