रोहटा में आयोजित पंचायत में सांसद प्रतिनिधि पर लगाया सत्ता की हनक दिखाने का आरोप
रालोद समर्थकों पर मुकदमा शीघ्र वापस नहीं लेने पर सर्वसमाज की महापंचायत का एलान
भाजपा नेताओं को क्षेत्र में नहीं घुसने देने का भी निर्णय किया
अमर उजाला ब्यूरो
सरूरपुर। गांव रोहटा में मतदान के दिन हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। सांसद प्रतिनिधि की तरफ से रोहटा निवासी रालोद समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिसको लेकर शनिवार को गांव रोहटा में सर्वसमाज की पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें बागपत सांसद प्रतिनिधि द्वारा सत्ता की हनक में ग्रामीणों पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने पर नाराजगी जताई। पंचायत में एलान किया कि यदि पुलिस प्रशासन मुकदमा वापस नहीं लिया तो शीघ्र ही सर्वसमाज की महापंचायत बुलाई जाएगी। इस दौरान क्षेत्र के गांवों में भाजपा नेताओं को नहीं घुसने देने का भी निर्णय किया।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को लोकसभा चुनाव के दौरान खंड विकास कार्यालय रोहटा के बूथ पर मतदान के अंतिम समय में रालोद व भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे पर फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाया था। बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाते हुए भाजपा समर्थकों ने हंगामा किया था। इस पर दोनों पार्टी के समर्थकों में टकराव होते देख पुलिस ने लाठी फटकार कर उन्हें खदेड़ा था। इस मामले को लेकर विधायक जितेंद्र सतवाई से पुलिस-फोर्स की झड़प भी हुई थी। आरोप है कि सांसद प्रतिनिधि कपिल शर्मा ने धमकी दी थी। इसे लेकर काफी देर तक मौके पर हंगामा व बवाल रहा था बाद में पुलिस-प्रशासन ने मामला संभाला था। इसी प्रकरण में शुक्रवार को सांसद प्रतिनिधि कपिल शर्मा ने रोहटा के मदन, प्रवीण, राजेंद्र, इंद्रपाल, सुनील, जितेंद्र, तेजवीर, बिजेंद्र, सतेंद्र एवं अमरदीप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रोहटा में आयोजित पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि बूथ कैप्चरिंग नहीं हुई थी। सांसद प्रतिनिधि कपिल शर्मा ने जबरन बूथ में घुसने की कोशिश की थी। पुलिस फोर्स ने उसे रोका था। जिस पर रालोद समर्थकों पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया गया। कपिल शर्मा ने झूठी जानकारी देकर क्षेत्रीय विधायक जितेन्द्र सिंह को मौके पर बुलाया और फर्जी मतदान की बात कहकर उकसाया। जबकि रालोद समर्थक बूथ के बाहर खड़े थे। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि बागपत सांसद प्रतिनिधि कपिल शर्मा सत्ता की हनक दिखाते हुए फर्जी मुकदमा दर्ज कराया है। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में सांसद व उनके प्रतिनिधि के प्रति आक्रोश है। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि सांसद प्रतिनिधि को गलत हरकत पर माफी मांगनी चाहिए। मामला केवल सांसद प्रतिनिधि व पुलिस-प्रशासन के बीच का था। इसमें गलत तरीके से ग्रामीणों को घसीटा गया। वक्ताओं ने पंचायत में तय किया कि यदि पुलिस ने दबाव में नामजदों की गिरफ्तारी की कोशिश की तो कड़ा जवाब दिया जाएगा। पंचायत में ऐलान किया कि यदि पुलिस-प्रशासन ने एक सप्ताह के भीतर दर्ज मुकदमें को वापस नहीं लिया तो रोहटा में महापंचायत बुलाकर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। क्षेत्र के गांवों में भाजपा नेताओं को घुसने नहीं दिया जाएगा। पंचायत में वक्ता के रूप में मुख्य रूप से ओमकार मलिक, सुरेंद्र मेजर, पप्पू आदि रहे। संचालन सुबोध मलिक ने किया। यहां राजपाल सिंह अमानुल्लापुर, जगवीर सिंह, प्रमोद, भरत सिंह, सुबोध मलिक, कृष्णपाल मलिक, फूल कुमार, ओमकार चेयरमैन, भरतवीर सिंह, मेजर सुरेंद्र सिंह, भोपाल सिंह, उदयवीर, लोकेश, मोहित, शौकीन, दिलशाद, पप्पू, संदीप चौधरी, वीरेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार आदि रहे।