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दिल्ली रोड पर रोडवेज बसों में चोरों का गैंग

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दिल्ली रोड पर रोडवेज बसों में चोरों का गैंग
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मेरठ। रोडवेज बसों में एक ऐसा गैंग सक्रिय है जो पलक झपकते ही आपके बैग से लैपटॉप और दूसरे कीमती सामान को साफ कर रहा है। लगातार हो रही वारदातों से रोडवेज बसों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लेकिन रोडवेज और पुलिस-प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है।

दिल्ली रोड पर जहां ठक-ठक गैंग कार सवार लोगों को निशाना बना रहा है तो रोडवेज बसों में चोरों का गैंग मेरठ से गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली आने-जाने वाले लोगों के लैपटॉप और अन्य कीमती सामान चोरी कर रहा है। रोडवेज बस अड्डे से लेकर दिल्ली रोड पर मेरठ की सीमा में सदर बाजार, देहली गेट, रेलवे रोड, ब्रह्मपुरी, टीपीनगर, परतापुर, बाईपास पर कंकरखेड़ा, जानी थाना क्षेत्र लगते हैं। एक साल मेें पुलिस ने किसी भी रोडवेज बस मेें चेकिंग नहीं की। जबकि बसों में लैपटॉप या कीमती सामान चोरी होने पर संबंधित थाना पुलिस इसे टरका देती है। यदि सादी वर्दी में पुलिस टीम लगाई जाए जो यह गैंग पकड़ा जा सकता है। ठक-ठक गैंग मुरादनगर, मोदीनगर, मोहिउद्दीनपुर, परतापुर, रिठानी, और दिल्ली रोड पर सक्रिय है।
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केस 01
अमर उजाला में कार्यरत सुरेश गुप्ता सोमवार सुबह गाजियाबाद से रोडवेज बस में मेरठ के लिए चले थे। इस दौरान उन्होंने अपना लैपटॉप का बैग बस में सामान रखने वाले जाल पर रख दिया। इस दौरान कुछ युवक मोहिउद्दीनपुर और मोदीनगर से बस में सवार हुए। परतापुर क्षेत्र में उन्होंने देखा तो लैपटॉप गायब मिला। इस दौरान संदिग्ध युवक परतापुर तिराहे पर बस से उतर गए। लैपटॉप चोरी की जानकारी बस के परिचालक और चालक को दी। उसके बाद भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। लैपटॉप जाने से सारा डेटा भी चला गया। पीड़ित ने परतापुर थाने में तहरीर दी है। लेकिन पुलिस भी पल्ला झाड़ने लगी।

केस 02
माधवपुरम निवासी सरिता ने 20 मार्च को मेरठ से गाजियाबाद जाते समय रोडवेज बस में अपना बैग रख दिया। बैग में मोबाइल फोन, एक चेन और अन्य सामान व कपड़े थे। बस से बैग चोरी कर लिया गया। पीड़िता को मोदीनगर में जानकारी हुई तो बस में शोर मचाया। लेकिन परिचालक ने बताया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं की। मोदीनगर थाने में तहरीर दी तो पुलिस घटना क्षेत्र परतापुर का बताने लगी।

केस 03
अमर उजाला में कार्यरत संजीव कौशिक 22 फरवरी को मेरठ से नोएडा के लिए रोडवेज बस में बैठे थे। इस दौरान बस से बैग से लैपटॉप चोरी कर लिया गया। परिचालक और चालक को जानकारी दी गई। लेकिन कोई मदद नहीं मिली। बाद में नोएडा में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बीएम सिंह का भी दिल्ली रोड पर मोबाइल फोन ऐसे ही उड़ा लिया गया था। कई माह बीतने के बाद कोई सुराग नहीं लगा।
मददगार एसओएस
सभी रोडवेज बसों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) लगा है। इस सिस्टम में सेव ऑवर सोल (एसओएस) का बटन दिया है, जो कमाल का है। यह बटन चालक के पास होता है। बस में अगर लूट या अनहोनी होती है तो चालक धीरे से वीटीएस में लगे इस बटन को दबा देता है। बटन दबते ही कंट्रोल में अलर्ट मैसेज पहुंच जाता है। कंट्रोल से बस की लोकेशन ट्रेस करके संबंधित क्षेत्र के थाने को सूचित किया जा सकता है। यह सिस्टम उसी अवस्था में काम करना बंद करता है जब लूट करने वाले बदमाश वीटीएस का वायर ही काट दें।
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सघन चेकिंग अभियान चलेगा
यह गंभीर मामला है। जो भी हाईवे पर थाना क्षेत्र पड़ते हैं। इनको लेकर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस मामले में थाना पुलिस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। -अखिलेश नारायण सिंह, एसपी सिटी
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