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दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालीम भी बेहद जरूरी

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अमर उजाला ब्यूरो
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सरधना। मोहल्ला किलाखेवान स्थित मदरसा इस्लामिया अरबिया मदीनातुल उलूम में शनिवार को दो दिवसीय सालाना जलसे का समापन हो गया। इस दौरान उलेमाओं एवं मौलानाओं ने मुसलमानों से बच्चों को दुनियावी के साथ दीनी तालीम हासिल कराने पर जोर दिया। कहा कि तालीम इंसान को जिंदगी जीने का तरीका सिखाती है। उलेमाओं ने जलसे के समापन पर मुल्क में अमन चैन कायम रखने के लिए दुआ कराई।
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जलसे को खिताब करते हुए मौलाना उस्मान कहा कि तालीम रोशनी की तरह है। जिसकी जिंदगी में इल्म होता है, वह कामयाब होता है। दुनियावी तालीम दुनिया में काम आएगी, लेकिन दीनी तालीम दुनिया के साथ आखरत में भी काम आती है। इसलिए मुसलमानों को अपने बच्चों को दुनिया के साथ दीनी तालीम भी हासिल करानी चाहिए। मौलाना फरीदुद्दीन देवबंद ने मुसलमानों से नबी की सुन्नतों और कुरान के बताए रास्ते पर जिंदगी बिताने की बात कही। उलेमाओं ने जलसे में तकरीर करते हुए कहा कि कुछ मुसलमान अपने मकसद से भटक रहे हैं। मुसलमान की मंजिल दुनिया नहीं, आखरत है। इसलिए दुनिया में रहकर आखरत को बेहतर बनाने की तैयारी करें। सभी को दीनी तालीम हासिल करने पर जोर दिया। यहां मौलाना शफीक उल हसन, मौलाना सालिम, कारी अमीर आदि ने भी जलसा खिताब किया। हिफ्ज करने वाले अतीकुर्रहमान व मुजीबुर्रहमान की दस्तारबंदी की गई। इसके अतिरिक्त कक्षाओं में प्रथम रहे बच्चों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। अफ्शा एवं उस्मान ने मदरसा टॉप किया। जलसे का संचालन मदरसा संचालक कारी यासीन ने किया। इस मौके पर अब्दुल गनी, मोहम्मद दीन, जामिन, हाजी रहीसुद्दीन, शकील, मोहब्बत अली, हाजी नईम, जावेद, सुहैल, हाफी सुजाऊद्दीन, हाफिज सादिक आदि मौजूद रहे।
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मुख्य बातें
मदरसा इस्लामिया अरबिया मदीनातुल उलूम में शनिवार को दो दिवसीय सालाना जलसा संपन्न
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