सीसीएसयू में डिग्री में दलाली का मामला उजागर होने के बाद प्रशासन अलर्र्ट
सस्पेंड कर्मचारी के मिलने पर टीम ने दी चेतावनी, एक अन्य कर्मचारी को जारी हो सकता है नोटिस
मेरठ। सीसीएसयू में डिग्री जारी करने में दलाली का मामला खुलने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन एक्शन में आ गया है। जांच समिति के सदस्यों ने शुक्रवार को छात्र समस्या निवारण केंद्र पर छापा मारा तो एक दलाल टीम को देखकर भाग निकला। कैंपस के सामने स्थित एक टावर में दुकान चलाने वाले को टीम ने पुलिस कार्रवाई की चेतावनी दे दी। एक सस्पेंड कर्मचारी के भी केंद्र के बाहर मिलने पर उसको आखिरी चेतावनी जारी की गई है।
अमर उजाला के स्टिंग के बाद घूस लेकर डिग्री जारी करने के मामले में कुलपति ने दो कर्मचारियों को सस्पेंड करते हुए एक के खिलाफ जांच बैठा दी थी। तीन सदस्यीय समिति मामले की जांच कर रही है। शुक्रवार को समिति के सदस्य सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज की डायरेक्टर प्रो. जयमाला और चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीरपाल सिंह ने छात्र समस्या निवारण केंद्र पर छापेमारी की। टीम ने यहां की व्यवस्था को देखकर पुराने प्रमाण पत्रों के कितने मामले पेंडिंग हैं, कैसे कार्य हो रहा है। कई और मामलों की जानकारी ली। छापेमारी के दौरान एक दलाल किसी छात्र का फार्म लेकर आया था। टीम को देखते ही वह भाग निकला। टीम ने बाहर घूम रहे कान्हा चेंबर में एक दुकान चलाने वाले व्यक्ति को पकड़ लिया। उसको चेतावनी दी कि अगर आगे से यहां नजर आए तो पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा। छापेमारी के दौरान कैंपस के अन्य विभाग का कर्मचारी केंद्र पर मिला। कर्मचारी ने स्पष्टीकरण दिया कि वो तो यहां पर पीएफ के कार्य से मिलने आया था। प्रशासनिक अफसरों ने उसके इंचार्ज को बुलाकर स्पष्ट कर दिया कि ड्यूटी के वक्त वह बिना इजाजत लिए दूसरे विभाग में कैसे आ गया। इस कर्मचारी को नोटिस जारी किया जा सकता है।
सस्पेंड कर्मचारी बोला, मुझे तो बुलाया था
छात्र समस्या निवारण केंद्र के बाहर यूनिवर्सिटी का सस्पेंड कर्मचारी जॉनी भी घूम रहा था। उसको केंद्र पर शिकायत के चलते ही सस्पेंड किया गया है। उसने बताया कि वह तो किसी के बुलाने पर आया था। प्रशासनिक अफसरों ने उसको चेतावनी दी कि आगे से केंद्र के आसपास नजर आए तो और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कई कर्मचारियों को नोटिस की तैयारी
प्रो. जयमाला और प्रो. बीरपाल सिंह ने रोजाना आने वाले आवेदनों पर डिग्री जारी करने वाले कई और कर्मचारियों को स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली है। इसके अलावा जो भी इस काम में लिप्त हैं, उनके खिलाफ भी यूनिवर्सिटी प्रशासन सख्त कार्रवाई कर सकता है।