गोवर्धन पूजा ही प्रकृति की पूजा: पैन्यूली
- जैनिस पैलेस में चल रही है श्रीमद्भागवत कथा
मेरठ। ब्रह्मपुरी स्थित जैनिस पैलेस में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा वाचक आचार्य विनोद पैन्यूली ने कहा कि गोवर्धन पूजन ही प्रकृति की पूजा है। गोवर्धन हमें धातु देता है। हमारी रक्षा करता है। फल फूल देता है। इसलिए हमारे यहां पर्वतों की पूजा होती है। सरिताओं की पूजा होती है।
उन्होंने कहा कि हमारे यहां तीर्थों में स्नान करते समय साबुन लगाना, कपड़े धोना दोषपूर्ण माना गया है। इसलिए हमें चाहिए कि नदियों को दूषित न किया जाए। यमुना नदी दूषित हो गई है। धर्म की सेवा कम हो रही है। उन्होंने कहा कि अच्छा, प्रमाद और आलस्य में भी फर्क है। लक्ष्य की प्राप्ति में शिथिलता बरतना यानी आज नहीं अब कल करेेंगे। क्या जल्दी है। यह है आलस्य। संसार में हम क्यों आए हैं। मानव जीवन हमें क्यों मिला है। यह भूल जाना ही प्रमाद है। कार्यक्रम में सुनील जैन प्रवक्ता, मुकेश, कंवरसेन, गौरव शास्त्री, पंकज शास्त्री आदि मुख्य रहे।
भागवत भजन ही मानव के उद्धार का मार्ग : कवल
मेरठ। आचार्य कवल नयन वशिष्ठ ने कहा कि भागवत भजन ही मानव उद्धार का मार्ग है। संसार एक ऐसी कल्पना मात्र का प्रतीक है जो दिखाई तो देता है लेकिन सत्य नहीं होता।
आचार्य ने यह संदेश मंगलवार को श्री नर नारायण सेवा संस्थान के तत्वावधान में प्रह्लादनगर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा कहते हुए दिया। उन्होंने कहा कि प्राणी इसे ही सत्य समझकर जानते हुए भी धोखा खाता रहता है। इसी चक्रव्यूह में फंसकर बार-बार जन्म लेता और मृत्यु को प्राप्त होता है। मनुष्य केवल भागवत भजन सुमिरन करके ही भव सागर से पार उतर सकता है।
हवन यज्ञ और भंडारा किया
मेरठ। मानव उत्थान सेवा समिति की मेरठ शाखा द्वारा शास्त्रीनगर गुरुद्वारा रोड पर शांति पैलेस में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का मंगलवार को हवन पूजन और भंडारे के साथ समापन किया गया। समापन पर गायत्री मंत्रों का उच्चारण किया गया। इस अवसर पर बाल किशोर, प्रकाश कुमार, डीडी चौहान, निशा देवी, पुष्पा देवी, गीता देवी, मंजू, देवेंद्र सिंह, राकेश गोयल, नेपाल सिंह, जयनारायण, अरुण, हरिशंकर, पुष्पा चौहान, नेहा सिंह आदि मुख्य रहे।
दीपचंद महाराज की शोभा यात्रा आज
मेरठ। ध्यान योगी संथारा साधक तपस्वी बाबा दीपचंद महाराज ने 20 मार्च को निर्जल व्रत प्रारंभ किया था। 26 मार्च को संथारा व्रत को ग्रहण किया। जिसकी पूर्ण आहुति दो अप्रैल की संध्या में हुई। प्रदीप जैन ने बताया कि महाराज की अंतिम शोभा यात्रा आज बुधवार को सुबह नौ बजे जैन स्थानक जैन नगर से निकाली जाएगी।