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200 झुग्गी झोपड़ी जलकर राख, लाखों का नुकसान

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आशियाना कॉलोनी में 200 से ज्यादा झोपड़ियां खाक
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मेरठ। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में जाकिर कॉलोनी से सटी आशियाना कालोनी में सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे फैली भीषण आग ने दो सौ से ज्यादा झोपड़ियों को खाक कर दिया। आग बुझाने के लिए 56 से ज्यादा दमकलकर्मी पांच घंटे तक जूझे। दमकल की आठ गाड़ियों को पानी लाने के लिए करीब 40 राउंड लगाने पड़े। चर्चा है कि नशेड़ियों ने एक झोपड़ी में आग लगा दी थी, जिससे एक-दूसरे से सटी झोपड़ियों में आग फैली थी। हालांकि पुलिस अधिकारी शार्ट सर्किट को भी कारण मानकर चल रहे हैं।
आशियाना कालोनी स्थित इस बस्ती में करीब डेढ़ से दो हजार झोपड़ियां हैं। पुलिस के अनुसार सोमवार तड़के राजू नाम के व्यक्ति की झोपड़ी में आग लगी। उसने शोर मचाते हुए पत्नी और बच्चों को बाहर निकाला। इस झोपड़ी से आग देखते ही देखते दूसरी झोपड़ियों में फैलती चली गई। जान बचाने के लिए लोग झोपड़ियों से भाग निकले। कंट्रोल रूम की सूचना पर चीफ फायर ऑफिसर अजय कुमार शर्मा पुलिस लाइन, घंटाघर और परतापुर फायर स्टेशन की दमकल टीमों के साथ मौके पर पहुंचे। एसपी सिटी मान सिंह चौहान, सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला और इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट मो. असलम भी फोस के साथ पहुंच गए।
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भीड़ बनी बाधा
मौके पर दमकल की आठ गाड़ियों को बुलाया गया। लेकिन रास्ते में भारी भीड़ लगने और मार्ग तंग होने के चलते दमकल की बड़ी गाड़ी बस्ती से करीब 150 मीटर दूर ही रह गई। आग इतनी विकराल थी कि हापुड़ रोड और आसपास के लोग भी घटना स्थल की तरफ दौड़ने लगे। लोगों की चीख पुकार मचती रही। सीएफओ के अनुसार छोटी और बड़ी गाड़ियों के पाइपों को एक-दूसरे से जोड़कर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। इन आठ गाड़ियों का पानी खत्म होने पर दोबारा से पानी लाने के लिए करीब 35 से 40 राउंड लगाने पड़े। आग से एक हजार से ज्यादा झोपड़ियों को बचा लिया गया। गनीमत रही कि कोई आग की चपेट में नहीं आया।
आग का कारण स्पष्ट नहीं
सीएफओ ने बताया कि झोपड़ियों में अवैध तरीके से बिजली चोरी कर जलाई जा रही है। शार्ट सर्किट से आग लगी है या फिर कबाड़ में किसी ने आग लगाई इसकी जांच की जा रही है। वहीं, एसपी सिटी और सीओ कोतवाली ने झोपड़ी मालिक राजू अली से पूछताछ की तो उसने बताया कि तीन युवक उसकी झोपड़ी के पास गांजा पी रहे थे। उसके बाद वहीं से आग लगनी शुरू हो गई। जांच की जा रही है कि आग लापरवाही से लगी या लगाई गई।
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भूमि सरकारी या प्राइवेट, जांच करेंगे एसडीएम
मेरठ। आशियाना कालोनी में रहने वाले लोेग आसाम और पश्चिम बंगाल के बताए जाते हैं, जो पॉलीथिन और कबाड़ बीनने का काम करते हैं। मौके पर पहुंचे डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी मंजिल सैनी ने जहां मौके का निरीक्षण किया, वहीं भूमि प्राइवेट है या फिर सरकारी, इसकी जांच करने के निर्देश एसडीएम को दिए गए हैं। डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिए कि इस प्रकार से शहर में बस्ती के बीच खाली पड़ी भूमि पर काफी संख्या में झुग्गी झोपड़ी डालकर परिवार रह रहे हैं। इनकी जांच करायी जाए। आखिर ये कौन लोग हैं। साथ ही यह भी जांच करायी जाए कि जिस भूमि पर इन लोगों ने झोपड़ियां डाली हुई हैं, यह भूमि कहीं सरकारी तो नहीं। अगर सरकारी भूमि है तो पैमाइश कराकर खाली करायी जाए। उधर, भूमि को लेकर नगर निगम प्रशासन ने भू अभिलेखों की जांच करनी शुरू कर दी है। वहीं, इस दौरान पीड़ित लोगों ने डीएम और एसएसपी से कहा कि आग से उनका उनका सब कुछ तबाह हो गया। झोपड़ियों में रखी एलईडी, कपड़े, खाने का सामान सब खाक हो गया।


खास बातें:
2000 के करीब झोपड़ियां हैं लिसाड़ी गेट स्थित आशियाना कॉलोनी में
3:30 बजे सोमवार तड़के एक झोपड़ी से फैली आग
40 राउंड लगाए दमकल की आठ गाड़ियों ने पानी लाने के लिए
56 दमकलकर्मियों ने पांच घंटे की मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
नशेड़ियों द्वारा एक झोपड़ी में आग लगाने की चर्चा, शार्ट सर्किट होना भी माना जा रहा कारण
कबाड़ बीनने वाले आसाम और पश्चिम बंगाल के लोग रहते हैं यहां लंबे समय से
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