मेरठ। बिना बारिश के ही हापुड़ रोड पर बाढ़ जैसे हालात हो गए। जलभराव के विरोध में लोगों ने नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ हंगामा काटते हुए जाम लगा दिया। इस बीच निगम के किसी भी अधिकारी ने मौके पर जाना तक गंवारा नहीं समझा और फोन पर ही बात कर इसे ठीक कराने का आश्वासन दिया।
लिसाड़ी गेट क्षेत्र की आधा दर्जन कालोनियों में सीवर चोक होने से पानी भर गया। स्कूलों, घरों, दुकानों में दो-तीन फिट पानी भरने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। मुख्य मार्ग स्थित स्कूलों की छुट्टी करनी पड़ी। जलभराव के चलते लोगों का आना-जाना बंद हो गया। कैपिटल वाली गली, हापुड़ रोड, मदरसे वाली गली, हुमायुं नगर आदि क्षेत्रों में जलभराव से गुस्साए लोगों ने हंगामा करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया।
कालोनी वासी चांद, आदिल, अरशद, नदीम, फिरोज, गुड्डू, बाबर, शमशाद, रिहाना, इस्माइल आदि ने नगर निगम अधिकारियाें पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायत करने पर भी सफाई कर्मी कॉलोनी में नहीं आते हैं, जिसके चलते नालियां जाम हो जाती है और सीवर चोक पड़े हैं। जलभराव के चलते बच्चों को स्कूल नही भेज पाए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की। लेकिन लोग निगम अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने लोगों की बात नगर स्वास्थ्य अधिकारी से फोन पर कराई तो उन्होंने तीन दिन में सीवर की सफाई और जल निकासी का उचित प्रबंध करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही लोगों ने जाम खोला। वहीं, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुंवर सेन का कहना है कि हापुड़ रोड स्थित एक जगह पर पुलिया चोक हो गई है, जिसके चलते जल निकासी नही हुई और पानी गलियों में बहने लगा। सीवर साफ करने के लिए दो जेसीबी मंगाई गई हैं जो लगातार काम कर रही हैं। पुलिया खोलने के लिए दो से तीन दिन लगेंगे तभी सुचारु निकासी हो पाएगी।
खास बात
- स्कूलों, घरों, दुकानों में भरा 2-3 फिट पानी, स्कूलों की हुई छुट्टी
- नहीं पहुंचा निगम से कोई अधिकारी, फोन पर दे दिया आश्वासन