मेरठ। बचन भवन में जिलाधिकारी ने बुधवार को प्रधानमंत्री आवासीय योजना की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में पूरी गुणवत्ता और ईमानदारी अपनाते हुए तेजी लाएं। कोई पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए।
बैठक में डीएम समीर वर्मा को अधिकारियों ने बताया कि जनपद के नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में योजना के तहत ऑफ लाइन 34730 और ऑनलाइन 90110 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। कुल 1,24,840 आवेदन पत्रों की जांच का काम सूडा द्वारा नोएडा की एक कंपनी को सौंपा गया है। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि इस योजना में छूटे पात्रों को शामिल करने के लिए 15 अगस्त तक अभियान चलाएं, ताकि एक भी व्यक्ति छूट न पाए।
बैठक में शहर के भीतर वेंडिंग जोन बनाने पर भी चर्चा हुई। डीएम ने कहा कि एमडीए और आवास एवं विकास विभाग के अधिकारी जो भी नई आवासीय कालोनी विकसित करें, उसमें वेंडरों के लिए स्थान अवश्य छोड़ें। शहर में 30 वेंडिंग जोन चिह्नित कर कार्रवाई हो रही है। वहीं 18250 वेंडर सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। डीएम ने बीएसयूपी और आईएचएसडीपी योजना के तहत बने आवासों की समीक्षा में कहा कि अधिकारी हर हाल में इन आवासों का 15 अगस्त तक पात्रों को आवंटन कर दें। इस दौरान सीएमओ डॉ. राजकुमार, पीओ डूडा आरपी सिंह, सहित एमडीए और स्थानीय निकायों के अधिकारी मौजूद रहे।
खास बात
- प्रधानमंत्री आवासीय योजना की समीक्षा बैठक में डीएम ने दिए निर्देश
- डीएम ने कहा कि एक भी पात्र योजना से न रहने पाए वंचित