मोदीपुरम/मेरठ। इस बार अच्छे मानसून की आस लगाए बैठे शहरवासियों को सावन के बादल धोखा दे रहे हैं। उमस और गर्मी के बीच आसमान पर काले बादलों का डेरा दिन भर बारिश का इंतजार कराता है और बदरा बिना बरसे ही निकल जाते हैं। रविवार को भी बारिश न होने से मौसम वैज्ञानिकों के दावे हवाई साबित हुए।
जून में प्री मानसून की अच्छी बारिश के बाद मौसम वैज्ञानिकों ने दावा किया था कि इस बार एनसीआर में मानसून बेहतर रहेगा। लेकिन पूरे जुलाई माह में रुक रुककर हुई छिटपुट बारिश ने उमस और गर्मी को और बढ़ा दिया। अच्छी बारिश न होने से जहां दिन और रात का तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया है तो फसलों की पर्याप्त सिंचाई न होने से किसान भी चिंतित हैं। मौसम वैज्ञानिक भी कहते हैं कि उमस बढ़ने पर बारिश हो सकती है। लेकिन आसार बनने के बाद भी बारिश नहीं हो रही।
लोकल सपोर्ट नहीं मिल रहा
मौसम विज्ञान केंद्र पर रविवार को अधिकतम तापमान 33.8 व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 82 व न्यूनतम 63 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन. सुभाष का कहना है कि इस समय दिन का तापमान अधिकतम 30 डिग्री तो न्यूनतम 20-22 डिग्री तक ही रहना चाहिए। लोकल सपोर्ट न होने से बारिश नहीं हो रही। हालांकि रविवार आधी रात से मौसम में थोड़ा बदलाव आ सकता है। अगले दो दिन बारिश की संभावना है। जिससे तापमान गिर सकता है।
खास बात
- मानसून सीजन में भी सामान्य से ऊपर चल रहा दिन-रात का तापमान
- जुलाई में उमस और गर्मी से बुरा हाल, फिर भी नहीं हो रही बारिश