तीन परिवारों को गांव छोड़ने की धमकी
खरखौदा। गांव घोसीपुर में एक समुदाय का दबदबा है। यहां हिंदू समाज की आबादी दस फीसदी है। यहां असामाजिक तत्व अराजकता फैलाते हैं। पुलिस द्वारा भी इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है। जिसके चलते उन्होंने दो दिन में गांव छोड़ देने की चेतावनी दी है। इस मामले में पीड़ित परिवारों ने पुलिस एवं मुख्यमंत्री से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
क्षेत्र के गांव घोसीपर चिंदौड़ी में 90 प्रतिशत आबादी एक समुदाय की है। गांव के ही राजकुमार पुत्र मूलचंद ने मुख्यमंत्री एवं पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर बताया कि गांव के ही एक समुदाय के कुछ लोगों ने उनके परिजनों से मारपीट की थी। वे उसके परिजनों को जान से मारने के प्रयास में लग गए। इस मामले में पीड़ित ने उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर कई बार पुलिस से शिकायत की। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं की गई तो वह गांव छोड़कर मुरादनगर चला गया। वहीं, आरोप है कि वह कभी-कभी अपने परिजनों से मिलने आता है। वह बीती 20 जून की शाम अपने परिजन मलखान के घर में बैठा था। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग आ गए तथा मलखान से मारपीट की। इतना ही नहीं आरोपी पक्ष ने लाइसेंसी रिवाल्वर से फायरिंग भी की। इसके बाद आरोपी पक्ष मलखान, राजेंद्र व नरेंद्र को धमकी दे गए कि दो दिन में गांव छोड़ दें। अन्यथा उनके घरों एवं जमीन पर कब्जा कर लिया जाएगा। आरोपी पक्ष को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने से पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। जिस कारण तीनों परिवार गांव छोड़ने की तैयारी में हैं।
मामले की जांचकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी गांव छोड़ने के लिए मजबूर नहीं होने दिया जाएगा।-आलोक कुमार सिंह, सीओ किठौर