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तारुण का ब्रेन डेड, धड़क रहा है दिल

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मेरठ / बागपत। रोड रेज के दौरान हुए संघर्ष में घायल तारुण उपचार के दौरान जिंदगी के लिए जूझ रहा है। बृहस्पतिवार सुबह उनकी मौत की सूचना निवाड़ा गांव पहुंची तो पूरे गांव में मातम पसर गया। परिवार के अधिकतर लोग मेरठ के लिए रवाना हो गए। स्थानीय पुलिस को भी उनकी मौत की सूचना दे दी गई। देर शाम तारुण के दोबारा जिंदा होने की सूचना गांव पहुंची तो उम्मीद बंध गई। ग्रामीणों ने तारुण के ठीक होने के लिए दुआएं की है।
गंभीर रूप से घायल तारूण मेरठ के गढ़ रोड स्थित समर नर्सिंग होम में भर्ती है। अस्पताल के मुख्य परामर्श चिकित्सक डॉ. प्रवीण राठी का कहना है कि तारून को जब अस्पताल लाया गया वह ब्रेन डेड था, यानि दिमागी तौर पर मृत्यु होना, लेकिन उसका हार्ट (दिल) धड़क रहा था। यह बात परिजनों को भी बताई गई । परिजनों ने कहा कि उसे भर्ती कर लें। उसे भर्ती कर लिया गया। वह वेंटिलेटर पर है।
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गांव निवाड़ा निवासी निवासी तारुण उर्फ गांधी पुत्र अख्तर और उसका बेटा आसिफ मंगलवार की रात में हरियाणा से ट्रक में रेत लेकर आ रहे थे। निवाड़ा चौकी से आगे परशुराम मूर्ति के पास पहुंचे तो सड़क के बीच खड़ी दो कारों को हटाने को कहने पर उन्होंने अपने तीन साथियों को बुला लिया और तारुण के साथ मारपीट कर दी थी। दोनों पक्षों के बीच हुए संघर्ष में एक पक्ष से तारुण और आसिफ निवासी निवाड़ा और दूसरे पक्ष के सोनू पुत्र राकेश निवासी सिसाना घायल हो गए थे। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से तारुण को मेरठ रेफर कर दिया गया था। उसका मेरठ में गढ़ रोड स्थित समर नर्सिंग होम में उपचार चल रहा है। तारुण के चार बेटे आरिफ, शाहरुख, अहसान, आयान और एक बेटी सुहाना है। वह ट्रक चलाकर परिवार का पालन पोषण करता था। घायल आरिफ की दो माह बाद शादी होनी है। तारुण के भाई नफीस ने आरोपी राकेश, मोनू, राहुल, करण, परमे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। दूसरे पक्ष के घायल सोनू के भाई राहुल चौहान निवासी सिसाना ने 7-8 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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