तकनीकी गड़बड़ी के कारण सीसीएसयू की पहली मेरिट रद्द, आज जारी होगी संशोधित मेरिट
मेरठ। सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में यूजी की पहली मेरिट को तकनीकी गलती के कारण रद्द कर दिया गया। इस मेरिट से अब तक 18396 एडमिशन हो चुके हैं। मंगलवार को भी छह हजार से ज्यादा दाखिले हुए। संशोधित मेरिट लिस्ट बुधवार (आज) सुबह 10 बजे जारी की जाएगी। यूपी बोर्ड के जिन छात्रों का एडमिशन हो चुका है, उन पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अन्य बोर्ड के सामान्य श्रेणी के कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों के एडमिशन पर पुनर्विचार किया जाएगा। नई सूची में अल्प आय वाले अभ्यर्थियों की कुल सीटों की 10 प्रतिशत सीटें बढ़ाते हुए मेरिट जारी होगी। इसमें सात हजार के करीब सीटें बढ़ गई हैं। इस मेरिट के एडमिशन 28 जून तक होंगे। 30 जून को दूसरी मेरिट जारी की जाएगी।
सीसीएसयू से संबद्ध मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों के कॉलेजों में 23 मई से रजिस्ट्रेशन किए गए थे। 21 जून को विवि ने पहली मेरिट जारी कर दी। शनिवार को बैंक बंद होने के कारण एडमिशन नहीं हो पाए। सोमवार को 12340 छात्र-छात्राओं ने एडमिशन लिए। मंगलवार दोपहर तक एडमिशन की संख्या 18396 पहुंच गई। इसी बीच विवि प्रशासन की तरफ से सभी कॉलेजों में फोन कर एडमिशन रुकवा दिए गए।
प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने बताया कि पहली मेरिट में दो गलतियां हो गईं, इसके कारण संशोधित मेरिट लिस्ट जारी की गई है। पहली लिस्ट में एक गलती अल्प आय वाले कोटे की सीटों को लेकर हुई। दरअसल विवि को ये सीटें कुल सीटों पर 10 फीसदी बढ़ानी चाहिए थी, लेकिन विवि ने 50 फीसदी जनरल सीटों पर इनको बढ़ा दिया। इससे आधी सीटें ही बढ़ पाईं। दूसरी गलती ये हुई कि कॉलेजों में यूपी बोर्ड की सीटों का 50 फीसदी कोटा है। सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्डों का कोटा 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकता है। लेकिन विवि ने जो मेरिट जारी की उसमें अन्य बोर्डों का कोटा 50 फीसदी से ज्यादा हो गया। ऐसे में इस लिस्ट को रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे विवि नई मेरिट जारी करेगा। छात्र-छात्राएं इस मेरिट को देखकर ही एडमिशन लें। छात्रों के मोबाइल पर इस संबंध में मेसेज भेजे जाएंगे।
मंगलवार को छह हजार से अधिक हुए दाखिले
संशोधित मेरिट का असर बीए, बीकॉम, बीएससी में एडेड और राजकीय कॉलेजों पर ही पड़ेगा। अन्य प्रोफेशनल कोर्सों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मंगलवार तक एडमिशन की बात करें तो यूपी बोर्ड के 12810 एडमिशन हुए हैं। जबकि रजिस्ट्रेशन यूपी बोर्ड के 87401 हुए हैं। सीबीएसई के4584 एडमिशन हुए हैं। कुल रजिस्ट्रेशन 23870 हैं। आईसीएसई बोर्ड के 157 एडमिशन हुए हैं। जबकि इसमें रजिस्ट्रेशन 673 हुए हैं। अन्य बोर्डों के 845 एडमिशन हुए हैं। अन्य बोर्डों के रजिस्ट्रेशन 3773 हुए हैं। कुल एडमिशन 18396 हुए हैं। मंगलवार को छह हजार से ज्यादा दाखिलेे हुए। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने बताया कि यूपी बोर्ड के जो एडमिशन हो चुके हैं, उन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सीबीएसई और अन्य बोर्ड में अगर बेहद कम मेरिट वाले एडमिशन हुए तो उन पर पुनर्विचार किया जाएगा।
अल्प आय वाले छात्रों की बढ़ी 14 हजार से ज्यादा सीटें
कॉलेजों में कोर्सों की बात करें तो एडेड-राजकीय और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में बीए, बीएससी, बीकॉम, बीएससी एजी में 142851 सीटें हैं। इनमें बीए में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 22 हजार और सेल्फ फाइनेंस में 54 हजार से ज्यादा, बीकॉम में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 4600 और सेल्फ फाइनेंस में 22 हजार से ज्यादा सीटें हैं। बीएससी बायो-मैथ-स्टैटिस्टिक्स में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 9463 और सेल्फ फाइनेंस में 20 हजार से ज्यादा सीटें हैं। बीएससी एजी में एडेड और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में 2840 सीटें हैं। 12वीं के बाद पांच वर्षीय बीए-एलएलबी और बीकॉम-एलएलबी में छह हजार से ज्यादा सीटें हैं। आर्थिक आधार पर आरक्षण के तहत विवि को कुल सीटों की 10 फीसदी सीटें बढ़नी थी। यानी 14 हजार से ज्यादा सीटें बढ़ाई जानी चाहिए थीं लेकिन विवि ने 50 फीसदी सीटों पर आरक्षण लागू किया। पहले सात हजार से ज्यादा सीटें बढ़ी थी। इससे छात्रों को फायदा मिलेगा। मेरिट ओर नीचे जाएगी।