गांव कैली में आठ तालाब हैं। लेकिन कई तालाबों का तो अस्तित्व समाप्त हो चुका है। वहीं कई तालाबों पर अवैध कब्जे हैं तथा कई तालाबों की पिछले 20 वर्षों से कोई सफाई नहीं की गयी है। जिसमें कई तालाब ओवर फ्लो हैं जिस कारण घरों से निकलने वाला पानी नालियों में भर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट व प्रदेश सरकार के आदेश पर व लगातार भूजल स्तर गिरने के कारण गांव, कस्बा सभी तालाबों की साफ सफाई व उनसे अवैध कब्जे हटवाने का अभियान छेड़ा हुआ है। वहीं हापुड़ मेरठ रोड़ पर गांव कैली है। जिसकी आबादी करीब नौ हजार की है। जहां घरों से निलने वाले पानी के लिये कोई नाला नहीं है। घरों से निकलने वाला पानी गांव में आबादी में बने तालाबों में ही जाता है। गांव कैली के रकबे में आठ तालाब हैं। जिसमें मौके पर दो तालाबों का अस्तित्व भी समाप्त हो चुका है। दो लगभग मिटने के कगार पर है। आबादी में इस समय चार तालाब है। 52 बीघा का एक बड़ा तालाब है जिसमें कई वर्ष पहले मछली पालन का ठेका छोड़ा गया तो ठेकेदार ने तालाब की सफाई करा दी थी। ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब बीस वर्षों से ग्राम पंचायत द्वारा सफाई नहीं कराई गयी है। तालाबों में सील्ट जमा होने के कारण घरों से निकलने वाला पानी तालाबों में न जाकर बाहर ही फैल रहा है। वहीं ग्रामीणों ने एक तालाब को तो कूड़ाघर बना दिया है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के माध्यम से कई बार तालाब की सफाई की मांग भी की है। ग्राम पंचायत की ओर से इन तालाबों की सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से तालाबों की सफाई की मांग की है।
हाई कोर्ट का आदेश है सभी तालाबों के अवैध कब्जे हटायें जायें तथा तालाबों की समय समय पर सफाई भी कराई जाये। लेकिन गांव कैली में कुछ तालाबों पर अवैध कब्जा नहीं हटाया जा रहा है और न ही इनकी सफाई की जा रही है। यह मामला गंभीर है। इस मामले में खरखौदा खंड विकास अधिकारी से बात की जायेगी। कमलेश कुमार, एसडीएम सदर।
सील्ट से भरे तालाबों की जल्द ही सफाई कराई जायेगी। राजीव वर्मा, खंड विकास अधिकारी खरखौदा।