शहर से सभी डेयरियों को 25 तक निकाला जाएगा बाहर
- लगातार हो रही है डेयरी संचालकों के खिलाफ एफआईआर
- शनिवार को दिन निकलते ही डेयरी संचालकों को चेतावनी देने निकले सफाई इंस्पेक्टर
- अभी तक शहर से एक दर्जन डेयरियों को निकाला गया है शहर से बाहर
मेरठ। डेयरियों के प्रति नगर निगम प्रशासन नरम होने को तैयार नहीं है। 25 जून तक सभी डेयरियों को शहर से बाहर करने को निर्णय लिया गया है। डेयरी संचालकों के खिलाफ लगातार एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं। शनिवार को भी कई थानों में डेयरी संचालकों के खिलाफ तहरीर दी गई।
शहर में 2200 से अधिक डेयरियां बताई जाती हैं। जिनमें 50 हजार से अधिक पशु हैं। डेयरियों से निकलने वाले गोबर को नाले में बहाए जाने और शहर में जगह जगह गंदगी के ढेर लगाने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। न्यायालय ने नगर निगम को 30 जून तक हर कीमत पर शहर से सभी डेयरियों को बाहर करने और एक जुलाई को पूरी कार्रवाई से न्यायालय को अवगत कराने को आदेश जारी किए थे। जैसे जैसे न्यायालय की तिथि करीब आती जा रही है वैसे वैसे जिला और नगर निगम प्रशासन ने डेयरियों के खिलाफ सख्ती करनी शुरू कर दी है। डेयरियों पर लगातार छापेमारी की जा रही है, लेकिन अभी भी काफी डेयरी संचालक ऐसे है जिनपर सख्ती का कोई असर नहीं पड़ रहा है। ऐसे सभी डेयरी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए निगम प्रशासन ने सफाई इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए हैं। उसी निर्देश के तहत डेयरी संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं। शनिवार को भी सफाई इंस्पेक्टरों ने मेडिकल और कंकरखेड़ा थाना सहित कई थानों में तहरीर दी गई हैं।
मंगल पांडे नगर में डेयरी से नहीं हटाए जा रहे पशु
- मंगलपांडे नगर सेक्टर तीन में गेट के निकट खाली पड़ी पार्क की भूमि पर डेयरी संचालित है। इस डेयरी को खाली कराने की हिम्मत निगम अधिकारी भी नहीं जुटा पा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत कमिश्नर से की है। जिसमें स्थानीय लोगों का कहना है कि डेयरी से निकलने वाले गोबर के ढेर लगे हैं। विरोध करने पर डेयरी संचालक अभद्र व्यवहार करते हैं।
एक-एक डेयरी की सूची नगर निगम के पास है। जो डेयरी संचालक स्वयं डेयरी खाली नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज करायी जा रही है। इस डेयरी को भी दिखवाया जाएगा। - डॉ. गजेन्द्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।