आतंकियों ने महानगर में नईम और अबसार के जरिये नेटवर्क खड़ा किया था। आतंकी संगठन ने हथियार सप्लायरों को मोहरा बनाकर लोगों को जोड़ने का काम शुरू किया था। जिसके चलते एनआईए और एटीएस ने मेरठ में लंबे समय डेरा भी डाला था। कई गोपनीय जानकारी जुटाकर आतंकियों का नेटवर्क तोड़ने के लिए कई लोगों से पूछताछ भी की।
किठौर थानाक्षेत्र का राधना गांव हथियारों बनाने के नाम से बदनाम है। आतंकी संगठन से जुड़े लोग अमरोहा निवासी सुहेल के जरिये राधना निवासी नईम से मिले। नईम और सुहेल आपस में रिश्तेदार बताए गए। नईम ने कई अवैध हथियार संदिग्ध लोगों को उपलब्ध कराए।
जिसके बाद आतंकी संगठन ने मेरठ में अपने पैर फैलाने शुरू किए थे। आरोपियों ने किठौर के एक बाग में ट्रेनिंग सेंटर चलाया। जहां पर युवाओं को जोड़ने का सिलसिला भी चला था। आतंकी किठौर में कई बार हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने के लिए आए थे।