ठेकेदार ने पहले बोली लगाई फिर छोड़ भागा
सरधना। कस्बे में लगने वाले ऐतिहासिक बूढ़ा बाबा मेले के लिए पालिका ने विभिन्न ठेके छोड़ दिए हैं। हालांकि रामलीला ग्राउंड का ठेका बाद में ठेकेदार ने ही छोड़ दिया। ठेका पिछले वर्ष करीब दस लाख रुपये में छोड़ा गया था। इस बार ठेकेदारों ने उसकी बोली 16 लाख 80 हजार रुपये तक पहुंचा दी। ठेकेदार को लगा कि उसने बोली अधिक लगा दी है। इसलिए उसने ठेका छोड़ दिया। इस पर पालिका ने दूसरे नंबर के ठेकेेदार को बुलवाया तो उसने ठेका लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद पालिका ने दोनों ठेकेदारों की एक-एक लाख रुपये जमानत राशि जब्त कर दोबारा से ठेके के लिए प्रक्रिया शुरू कराई।
ऐतिहासिक मेले में सबसे महंगा ठेका रामलीला ग्राउंड का छोड़ा जाता है। मेला ग्राउंड में लगने वाली दुकानें एवं झूले यहीं लगते हैं। पूर्व में ठेकेदार मेले के दौरान झूले के टिकट के रेट बढ़ा देते थे। जिसको लेकर पूर्व में कई बार हंगामे भी हुए। पिछले वर्ष यह ठेका करीब दस लाख रुपये में छोड़ा गया था। पालिका की तरफ से छोटे-बडे़ झूलों का रेट बीस रुपये व तीस रुपये रखा गया, लेकिन ठेकेदार द्वारा 40 से 50 रुपये तक वसूले गए। इसके विरोध में पश्चिम संयुक्त व्यापार मंडल के साथ संगीत सोम सेना के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया तब जाकर पालिका द्वारा निर्धारित रेट लिया गया। पिछले वर्ष मेले में ठेकेदार ने बताया कि उसे रेट कम करने पर घाटा हुआ।
इस बार पालिका ने मेला ग्राउंड का ठेका छोड़ने की प्रक्रिया शुरू कराई तो बोली आठ लाख रुपये से शुरू हुई। यह बोली 16 लाख 80 हजार रुपये तक जा पहुंची। सबसे ऊंची बोली इंचौली के ठेकेदार आमिर ने लगाई। जिसमें दूसरे नंबर की बोली 16 लाख 70 हजार रुपये दिल्ली निवासी ठेकेदार अरविंद ने लगाई। दोनों ठेकेदारों ने बोली तो पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक लगा दी। इन्होंने एक-एक लाख रुपये जमानत राशि के रूप में जमा किए थे। उन्हें अहसास हुआ कि उन्हें यह ठेका घाटे का रहेगा तो दोनों ने ही ठेका छोड़ दिया। अब एसडीएम अमित कुमार ने मेला शुरू होने से पूर्व दोबारा से निविदा प्रकाशित कराने के लिए विज्ञापन जारी किया है। जिससे मेला शुरू होने से पहले ग्राउंड का ठेका छोड़ा जा सके और झूले आदि मेले में आ सकें।