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अफसरों की अनदेखी से शहर की जनता प्यासी

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अफसरों की अनदेखी से शहर की जनता प्यासी
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कहीं टंकी की वॉल खराब तो कहीं सूखी पड़ी पाइप लाइन, हैंडपंप के सहारे जनता
मेरठ।
पानी की पाइप लाइन बिछाने में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर की जनता प्यासी है। इसकी हकीकत हर वार्ड में जलापूर्ति से देखी जा सकती है। ट्यूबवेल से पानी छोड़ते ही जगह-जगह पाइप लाइन फट रही हैं। कुछ इलाकों में पाइप लाइन से पानी पहुंच रहा है, लेकिन प्रेशर बहुत कम है।
अमर उजाला ने जलापूर्ति अभियान के तहत शुक्रवार को नूरनगर लिसाड़ी, जैनपुर में जलापूर्ति का जायजा लिया। यहां हालात है कि ट्यूबवेल का पानी छोड़ते ही पाइप लाइन फट जाती है। इसके चलते सड़कों पर पानी भर जाता है। लोगों को पाइप लाइन से पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। इस क्षेत्र में पानी की टंकी भी नहीं हैं। यहां की जनता पीने के पानी के लिए हैंडपंप पर ही निर्भर है। इसके अलावा शहर के जाहिदपुर, हुमांयुनगर, जमना नगर में पानी की किल्लत मिली। लोग जलकल विभाग को कोसते नजर आए।
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ये है इनका कहना---
पानी की समस्या को लेकर जलकल विभाग के असफरों से कई बार मिल चुके हैं। जैसे तैसे वार्ड में पांच हैंडपंप लगवाए हैं। जनता पानी को लेकर परेशान है। जल निगम ने भ्रष्टाचार की पाइप लाइन डाली है। पानी छोड़ते ही फट जाती है। -धर्मवीर पार्षद, वार्ड आठ
वार्ड में पानी की आपूर्ति का समय तो ठीक है, लेकिन पानी की टंकियों को समय से साफ नहीं कराया जाता। इस कारण लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। - मुनीश चौधरी, पार्षद वार्ड 40,
इलाके में पानी आपूर्ति का बुरा हाल है। पिछले दो माह से टंकी में पानी स्टोर नहीं हो पा रहा है। अधिकारी सुनते ही नहीं हैं। -राजेश खन्ना, निगम पार्षद वार्ड 23
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वार्ड में पानी की बड़ी समस्या है। हैंडपंप खराब पड़े हैं। पाइप लाइन का पानी आता नहीं है। अधिकारियों से शिकायत करते हैं तो वह भी गंभीरता से नहीं लेते हैं। -हाजी शौकत, वार्ड 36,
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