जांच के छह माह बाद भी नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं
मवाना। आला अधिकारी के आदेश पर एसडीएम ने करीब छह माह पूर्व कस्बे के एक नर्सिंग के आपरेशन थिएटर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने की जांच कराई थी। सीएचसी के तत्कालीन प्रभारी ने सीसीटीवी कैमरे लगे होने की शिकायत को सही पाया था। उन्होंने इसकी रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी थी। वहीं, एसडीएम के माध्यम से आला अधिकारी को रिपोर्ट भेजने के छह माह बाद भी नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। इससे शिकायतकर्ताओं में रोष है।
बताया कि कुछ युवतियों ने करीब छह माह पूर्व जिले के आला अधिकारी के यहां शिकायत की थी। जिसमें कहा था कि नगर के एक नर्सिग होम के आपरेशन थिएटर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उन्हें परेशानी के चलते आपरेशन थिएटर में ले जाया गया था। इसके बाद से नर्सिंग होम संचालक उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है। इस पर आला अधिकारी ने शिकायत की जांच उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव को सौंपी थी। इस पर उपजिलाधिकारी ने जांच तत्कालीन सीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल शर्मा से कराई थी। उन्होंने जांच रिपोर्ट में नर्सिंग होम के आपरेशन थिएटर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने की पुष्टि की थी। इतना ही नहीं इसकी रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को सौंपी थी। कई माह व्यतीत हो जाने के बाद भी नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। इससे शिकायतकर्ताओं को न्याय नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते उनमें रोष है।
इस बाबत तत्कालीन सीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल शर्मा का कहना है कि उच्चाधिकारी के आदेश पर जांच की गई थी। जिसमें आपरेशन थिएटर में सीसीटीवी कैमरे लगे मिले थे। जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई थी। वहीं, उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि चिकित्सक से मिली जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारी को भेज दी थी। इसके बाद क्या कार्रवाई हुई इसकी जानकारी नहीं है।