पॉलीथिन का धड़ल्ले किया जा रहा इस्तेमाल
खरखौदा। प्रदेश सरकार द्वारा पॉलीथिन बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था। आचार संहिता के चलते प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। अब आचार संहिता समाप्त होने के बाद शासन स्तर से नगर पंचायत एवं नगर निकाय द्वारा फिर जानकारी मांगी गई है। जिसमें खरखौदा नगर पंचायत ने एक-एक संस्थान पर जाकर पॉलीथिन की जांच की तथा व्यापारियों को चेतावनी दी।
पॉलीथिन के इस्तेमाल से वातावरण दूषित हो रहा है। यह खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रही है। वहीं, नदी और नालों को दूषित कर रही है। आवारा पशुओं के पेटों में जाकर उन्हें मौत की ओर धकेल रही है। इससे जल एवं वायु प्रदूषण हो रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्ष पॉलीथिन के खिलाफ अभियान चलाया गया। नगर एवं देहात स्तर पर पॉलीथिन पर रोक लगी है। आम चुनाव की वजह से आचार संहिता लगी तो सरकारी मशीनरी का ध्यान इस तरफ से हट गया। इस दौरान क्षेत्र में फिर धड़ल्ले से पॉलीथिन का प्रयोग किया गया। आचार संहिता समाप्त हुई तो शासन द्वारा फिर से पॉलीथिन के खिलाफ अभियान शुरू किया गया। नगर पंचायत द्वारा बृहस्पतिवार शाम खरखौदा कस्बे में दुकानों एवं ठेलों पर छापेमारी की गई। जहां कई संस्थानों एवं ठेलों पर पॉलीथिन का प्रयोग होता मिला। नगर पंचायत स्तर से सभी को एक बार फिर चेतावनी दी गई है। भविष्य में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।