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चुनाव टलवाने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे सचिव

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चुनाव टलवाने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे सचिव
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एलेक्जेंडर एथलीट क्लब
डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम को लेकर जताई आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। शहर के प्रतिष्ठित एलेक्जेंडर एथलीट क्लब का विवाद गहराता जा रहा है। अब डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा वर्तमान कमेटी को कालातीत घोषित करने और चुनाव कार्यक्रम के खिलाफ सचिव हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। दूसरे गुट ने भी कोर्ट में कैविएट डाल दी है।
एलेक्जेंडर एथलीट क्लब में सदस्यता को लेकर विवाद शुरू हुआ था। मामला डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एंड चिट्स के कार्यालय जा पहुंचा। वहीं सचिव पक्ष की तरफ से हाईकोर्ट में भी रिट दायर की गई। लेकिन सचिव गुट को राहत नहीं मिली। सुनवाई करते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार ने क्लब कमेटी को कालातीत घोषित करने के साथ ही नये सदस्यों का प्रस्ताव भी निरस्त कर दिया। डिप्टी रजिस्ट्रार ने अपने निर्देशन में क्लब का चुनाव कार्यक्रम भी जारी कर दिया। अब सचिव मुकेश गुप्ता फिर से हाईकोर्ट पहुंच गये हैं। वहां वह डिप्टी रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ रिट दायर कर चुनाव टलवाने की कोशिश में हैं। हालांकि सचिव गुट के पूर्व सदस्य अनिल अग्रवाल ने भी हाईकोर्ट में पूर्व कमेटियों द्वारा की गई वित्तीय अनियमितताओं की जांच न होने को लेकर रिट दायर की थी और जांच पूरी होने तक चुनाव न कराने की अपील की थी। लेकिन उन्हें चुनाव स्थगित कराने में सफलता नहीं मिली।
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इस पूरे विवाद में समय पर चुनाव कराने के लिए मौजूदा कार्यकारिणी से उपाध्यक्ष हरीश चंद्र जैन, शुभेंद्र मित्तल, निमिष खेत्रपाल, अजय अग्रवाल, गौरव रस्तोगी और कमल भार्गव ने 18 मार्च को डिप्टी रजिस्ट्रार के यहां पत्र भी दिया था। वहीं दूसरी तरफ सचिव मुकेश गुप्ता ने भी 28 मार्च को डिप्टी रजिस्ट्रार को पत्र लिखते हुए चुनाव कराने की अनुमति मांगी थी। ऐसे में मुकेश गुप्ता का चुनाव रोके जाने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर करना समझ से परे है। सदस्य बनाए जाने को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। इस मामले में अभी तक अलग-अलग कोर्ट में पांच बार सुनवाई हो चुकी है। हर सुनवाई के बाद आखिर में नए सदस्य बनाए जाने वाले प्रस्ताव को निरस्त ही किया गया है। ऐसे में अब चुनाव कराने को लेकर कोर्ट क्या फैसला देता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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