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विकास भवन में आग, 134 करोड़ का रिकॉर्ड खाक, सुई साजिश की तरफ

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विकास भवन में आग, 134 करोड़ का रिकॉर्ड खाक, सुई साजिश की तरफ
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2:00 बजे दोपहर आग लगी, 50 मिनट में पाया जा सका काबू
04 गाड़ियां पहुंचीं दमकल की, गैस मास्क किट लगाकर आग में घुसे दमकलकर्मी
विकास भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित डीपीआरओ कार्यालय आया चपेट में
कंप्यूटर कक्ष में रखा था स्वच्छ भारत मिशन प्रोजेक्ट (ग्रामीण) के तहत शौचालय बनाने का रिकॉर्ड
पहले बताया आग का कारण शार्ट सर्किट, अधिकारियों का कहना अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कचहरी परिसर स्थित विकास भवन में मंगलवार दोपहर भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग द्वितीय तल पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में लगी। आग से स्वच्छ भारत मिशन प्रोजेक्ट (ग्रामीण) के तहत शौचालय बनाने का करीब 134 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खाक हो गया। जिन परिस्थितियों में आग लगी और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का ही रिकॉर्ड जला, उससे सुई साजिश की तरफ घूम रही है। प्रारंभिक तौर पर आग का कारण शार्ट सर्किट माना गया। सीडीओ के अवकाश पर होने पर इस पूरे प्रकरण पर परियोजना अधिकारी/ प्रभारी सीडीओ भानुप्रताप सिंह ने कहा है कि आग के कारणों का अभी पता नहीं चला है। जांच कमेटी गठित करने के लिए जिलाधिकारी से बात की जाएगी।
आग दोपहर करीब दो बजे लगनी बतायी गयी। उस समय डीपीआरओ कार्यालय के कंप्यूटर कक्ष में धुआं निकलता देख महिला कर्मचारियों ने शोर मचा दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। सूचना पर सीएफओ अजय शर्मा और एफएसओ संजीव कुमार दमकल की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे। आग के चलते विकास भवन के द्वितीय और तृतीय तल पर स्थित सभी कार्यालयों को खाली करा लिया गया। दमकलकर्मी कंप्यूटर कक्ष में गैस मास्क किट लगाकर घुसे। करीब 50 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
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क्या था महत्वपूर्ण रिकॉर्ड
जिस जगह आग लगी, वहां केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल रहा स्वच्छ भारत मिशन प्रोजेक्ट (ग्रामीण) का करीब 134 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भी मौजूद था। जिसका जल जाना कहीं न कहीं साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। शक का दायरा अधिकारियों और कर्मचारियों के इर्द-गिर्द माना जा रहा है। दरअसल वर्ष-2014 में गांवों के हर घर में शौचालय बनाने का अभियान चलाया गया था। इस प्रोजेक्ट में एक शौचालय के निर्माण के लिए 12 हजार रुपये दिए गए थे। वर्ष 2014 से हर गांव के लिए टीम गठित कर शौचालय तेज गति से बनाने की मुहिम छेड़ी गई। दो अक्तूबर 2017 को गांधी जयंती पर जिले को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) घोषित कर दिया गया था।
इसलिए साजिश की तरफ सुई
जिले के 12 ब्लॉक में 479 गांवों में शौच बनाने का कार्य शुरू किया गया था। इन गांवों में अभी तक एक लाख 11 हजार 666 शौचालयों का निर्माण हो चुका है। इन शौचालयों पर अभी तक करीब 134 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। सूत्रों के अनुसार रिकॉर्ड में गड़बड़ी होने पर आग साजिशन लगाई गई है। हालांकि अधिकारियों के तरफ से ऐसा कोई बयान भी जारी नहीं हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले पर जांच कराई जाएगी।
रोजाना की रिपोर्ट हुई खाक
स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने के लिए जिले के 12 ब्लॉकों की रोजाना की रिपोर्ट तैयार की जाती थी। इस पर रोजाना हर क्षेत्र के निरीक्षण का डाटा भी तैयार किया जाता था। इस रिकॉर्ड के अलावा शौचालयों के फोटो भी कैमरे और हैंडकैम में मौजूद थे। यह दोनों भी जलकर राख हो गए। कार्यालय में रखे कंप्यूटरों में रोजाना के फोटो भी सेव रखे गए थे। यह फोटो भी जलकर खत्म हो गए।
तत्कालीन कमिश्नर से हुई थी शिकायत
तत्कालीन कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार से जिले में शौचालयों में हेराफेरी करने के मामले में शिकायत भी की गई थी। लेकिन उस समय मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। आदर्श आचार संहिता हटने के तुरंत बाद विकास भवन में ऐसी घटना होना साजिशन भी हो सकती है।
यह सामान हुआ खाक
जिला पंचायती राज विभाग - 14 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 9 प्रिंटर, 274 डिजिटल कैमरे, 51 हैंडीकैम, 6 मेज, दो दीवार पंखे, 4 छत के पंखे, 2 ऑफिस केबिन, 6 अलमारी, तीन एसी, 36 कुर्सी, 2 इन्वर्टर, 2 फोटो कापी मशीन, 70 प्रतिशत शासकीय अभिलेख।
राष्ट्रीय बचत कार्यालय - एक कंप्यूटर, दो पंखे, डिस्पैच पंजिका, कार्यालय की समस्त स्टेशनरी, वाहन संबंधी पुराना सामान, प्रचार सामग्री, वर्ष-2017-18 के बिल वाउचर।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी - वर्ष 1980-81 से 1985-86 तक ऋण पत्रावली और अन्य पत्रावली।
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मुझे देर से मिली सूचना
इस मामले मेें जांच कमेटी गठित करने के लिए डीएम साहब से बात की जाएगी। मैं खरीफ गोष्ठी की तैयारियों में व्यस्त था। मुझे काफी देर बाद सूचना मिली है। आग के कारणों का पता नहीं चल सका है।- भानु प्रताप सिंह, परियोजना अधिकारी / प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी
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