जमीन अधिग्रहण कर तत्काल करें एक्सप्रेस वे की समस्या का समाधान: आयुक्त
- आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने बैठक कर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के कार्यो की चरण वार समीक्षा की
- चारों चरण में हैं अलग अलग समस्या, कहा चिह्नित कर करें निस्तारण
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। दिल्ली से मेरठ की दूरी को जल्दी तय करने और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए अहम दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे (डीएमई) प्रोजेक्ट की आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने समीक्ष की। आयुक्त ने कहा कि जमीन अधिग्रहण जैसे मुद्दों को समय से निपटाया जाए। इसके लिए हर सप्ताह बैठक का आयोजन हो ताकि किसानों से भी बात होती रहे।
सोमवार को आयुक्त अनीता सी. मेश्राम ने कैंप कार्यालय पर समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि एनएचएआई के अधिकारी इस कार्य में गंभीरता दिखाएं। प्रोजेक्ट के निर्माण में आ रही विभागीय समस्याओं के निस्तारण में आपसी समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे एक ऐसी परियोजना है जिससे व्यापार एवं रोजगार के अवसरों को नये आयाम मिलेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह एक्सप्रेस के किसी भी पैकेज में कोई भी अड़चने न आने दें, यदि कोई हो तो उसका ससमय निस्तारण कराएं।
लाइनें करें शिफ्ट
बैठक में आयुक्त ने एक्सप्रेस-वे के द्वितीय चरण में आ रही पानी की पाइप लाइनों के प्रतिस्थापन की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया। कहा कि नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण एवं उप्र आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों को आपसी समन्व्य के साथ इन्हें शिफ्ट करना चाहिए। साथ ही विद्युत की लाइनों को बेहतर कार्य योजना के प्रतिस्थापित किया जाए। तीसरे चरण के कार्य की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिलखुवा फ्लाई ओवर को 20 जून 2019 तक हर हाल में शुरू करें। उन्होंने डासना पुलिस चौकी के कारण तीसरे चरण के कार्य में आ रही समस्याओं के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक यातायात गाजियाबाद को निर्देश दिए कि वह एनएचएआई अधिकारियों के साथ बैठकर चौकी को शिफ्ट कराएं।
अधिग्रहण के मसले अहम
बैठक में चौथे चरण की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने पाया कि मेरठ से डासना तक के 32 किमी के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का 47 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण के मामलों पर एडीएम एलए गाजियाबाद एवं एडीएम एलए मेरठ, एनएचएआई अधिकारियों के साथ साप्ताहिक बैठक कर भूमि अधिग्रहण मामलों का निस्तारण करने को कहा। जिन भूमि का 3डी हो गया है तथा जहां अधिग्रहण कार्य पूरा हो गया है उसकी सूची भी बनाने केनिर्देश दिए। इस अवसर पर परियोजना निदेशक राकेश प्रकाश सिंह,डीएफओ अदिति शर्मा, एडीएम एलए गाजियाबाद मदन सिंह, मेरठ ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात गाजियाबाद श्याम नारायण सिंह, परियोजना प्रबंधक एनएचएआई शुभेन्द्र चौधरी, संयुक्त आवास आयुक्त अजय कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता जीडीए मानवेन्द्र कुमार सिंह, एई जीडीए धर्मवीर सिंह सहित अन्य सम्बंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
पहला चरण निजामुद्दीन से यूपी गेट
कुल दूरी - 8.7 किमी
कुल लागत - 841.5 करोड़
काम शुरू - 29 नवंबर, 2016
पहले चरण का उद्घाटन - मई, 2018
पहले की स्थिति - आठ लेन का एनएच था।
एक्सप्रेस-वे के बाद की स्थिति - अब आठ लेन के एनएच के साथ छह लेन का एक्सप्रेस-वे यानि 14 लेन की सड़क हो गई है। इस पर काम हो चुका है।
दूसरा चरण
यूपी गेट से डासना
कुल दूरी - 19.2 किमी
कुल लागत - 1989 करोड़ रुपये
काम शुरू - छह नवंबर, 2017
पूरा करने का आवंटित समय - 30 महीना
काम पूरा करने का दावा - सितंबर, 2019
पहले की स्थिति - आठ लेन का एनएच था।
एक्सप्रेस-वे के बाद की स्थिति ऱ् अब आठ लेन के एनएच के साथ छह लेन का एक्सप्रेस-वे भी होगा। यानी 14 लेन चौड़ी सड़क हो जाएगी।
तीसरा चरण
डासना से हापुड़
कुल दूरी- 22 किमी
कुल लागत - 1057 करोड़ रुपये
काम शुरू कब से - दिसंबर, 2016
पूरा करने का आवंटित समय -30 महीना
काम पूरा करने का दावा - जून, 2019
पहले की स्थिति -चार लेन का एनएच था।
एक्सप्रेस-वे के बाद की स्थिति -अब चार लेन के एनएच के साथ छह लेन का एक्सप्रेस-वे होगा। दोनों ओर दो-दो सर्विस लेन भी होगी। यानी यहां भी 14 लेन चौड़ी सड़क हो जाएगी।
चौथा चरण
डासना से मेरठ-मोहिउद्दीनपुर
कुल दूरी- 32 किमी
कुल लागत -1130 करोड़ रुपये
काम शुरू कब से- अप्रैल, 2018 से
पूरा करने का आवंटित समय- शुरू करने के बाद 18 महीना
काम पूरा करने का दावा- अगस्त, 2019
पहले की स्थिति - यहां कुछ भी नहीं था
एक्सप्रेस-वे के बाद की स्थिति - नए सिरे से छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनेगा।