दरोगा के बेटे के गुंडा गैंग पर बैठी जांच
मेरठ। सिविल लाइन क्षेत्र के पॉश इलाके सर्किट हाउस और फिर दौराला में किशोर की बेहरमी से पिटाई की वीडियो वायरल का मामला मंगलवार को लखनऊ तक गूंजा। खुफिया विभाग ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी। एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि इंस्पेक्टर सिविल लाइन अब्दुर्रहमान सिद्दीकी को मामले की जांच सौंपी गई है। उनसे तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। मारपीट करने वाला दरोगा मनोज कुमार का बेटा मोहित चौधरी उर्फ गोलू और उसका गुंडा गैंग है। जांच में गैंग के आठ आरोपियों के नाम सामने आए हैं। वहीं, दूसरी ओर मारपीट के शिकार किशोर के परिजनों ने वीडियो वायरल की घटना 10 मार्च 2019 की बताई है।
दावे अलग-अलग, कौन बोल रहा सच
पुलिस यह कहकर पल्ला झाड़ रही है कि यह वीडियो दो साल पुराना है। लेकिन दोपहर को पीड़ित किशोर के परिजनों ने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर दावा किया कि वीडियो 10 मार्च 2019 का है। उसके बाद 31 मार्च को इसी गैंग से जुड़े आरोपियों के बीच मारपीट हुई, जिसमें एक युवक के पैर में गोली लगी थी। पीड़ित किशोर जानलेवा हमले के आरोप में जेल चला गया। दोनों के दावे अलग-अलग हैं। इसकी पुलिस को ठीक से जांच करनी होगी।
गुंडागर्दी पर क्यों खामोश रही पुलिस
दरोगा के बेटे और उसके साथी एक किशोर को पहले सर्किट हाउस और फिर दौराला में बेहरमी से पीटते हैं। एक युवक को गोली लगने से पैर भी कट जाता है। बड़ा सवाल है कि इतना सब कुछ सिविल लाइन इलाके में चल रहा है, इसके बावजूद ने पुलिस मजबूत कार्रवाई नहीं की। सिर्फ एक ही आरोपी को जेल भेजकर पल्ला झाड़ लिया।
एक और वीडियो वायरल
मंगलवार को दरोगा के बेटे मोहित का एक और वीडियो वायरल हुआ। इसमें मोहित और उसके साथी एक बाइक को तोड़ रहे हैं। यह वीडियो 29 मार्च का बताया गया है। यह सीसीटीवी कैमरे में भी कैद है। बड़ा सवाल है कि दरोगा का बेटा सरेआम गुंडागर्दी करता रहा और पुलिस तमाशबीन बनी रही। वीडियो में मोहित के साथ अनु महरोल, अंशुल कर्णवाल समेत छह युवक दिखाई दे रहे हैं।
एसएसपी ऑफिस पर हंगामा
मारपीट में घायल किशोर के परिजनों ने मंगलवार को एसएसपी ऑफिस पर हंगामा किया। उन्होंने दरोगा के बेटे मोहित चौधरी समेत एक दर्जन युवकों पर मारपीट, कनपटी पर तमंचा तानने का आरोप लगाकर एसएसपी से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि 10 मार्च को उनका बेटा बाजार से सामान लेने निकला था। तभी वहां पहुंचे कार सवार युवक बेटे को कार में डालकर ले गए। वह उसे सर्किट हाउस ले गये, जहां उसके साथ मारपीट कर वीडियो बनाया। इन लोगों ने उससे 50 हजार रुपये की मांग की। मारपीट के दौरान पुलिस की एक जीप वहां से गुजरी तो यह सभी उसे दोबारा गाड़ी में डालकर दौराला के जंगल ले गये। उसके साथ हथियार के बल पर गलत काम भी किया। बेहोश होने पर यह लोग उसे मेघदूत नाले की पटरी पर फेंक गये। होश आने के बाद वह घर पहुंचा, लेकिन परिजनों को कुछ नहीं बताया। पीड़ित परिवार ने बताया कि युवकों की दबंगई यहीं नहीं रुकी। 29 मार्च की रात करीब आठ बजे दरोगा के बेटे के साथियों ने उनके बेटे को पुरानी मोहनपुरी में पकड़ लिया और धमकी दी कि अगर वह उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करेगा तो उसे गोली मार देंगे। इसी मामले में 31 मार्च को भी गैंग के युवकों ने किशोर को धमकाया। किशारे के विरोध करने पर एक युवक ने स्कूटी से तमंचा निकाल लिया और उसके पीछे दौड़ने लगे। एक जगह उनके बीच हाथापाई हुई। इस दौरान तमंचे से गोली चली और गैंग के एक युवक के पैर में जा लगी। उन्होंने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।