अमर उजाला ब्यूरो
बहसूमा। गन्ना मूल्य भुगतान की समस्या से जूझ रहे किसानों के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है। मिल की ओर से पर्याप्त इंडेंट नहीं मिलने के कारण गेहूं की बुआई पर संकट आ गया है। क्षेत्र की मवाना शुगर वर्क्स मवाना एवं टिकौला शुगर मिल से जुडे़ किसानों की अभी महज एक चौथाई गेहूं की बुआई हो सकी है। दिसंबर गेहूं की बुआई के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। ऐसे में गेहूं की बुआई कैसे होगी। अगेती प्रजाति की गन्ना बुआई करने वाले किसान अभी समस्या से जूझ रहे हैं। सामान्य प्रजाति के गन्ने की बुआई करने वालों के माथे पर चिंता की लकीरें माथे पर देखी जा सकती हैं।
इंडेंट कम मिलने से किसान समितियों के चक्कर काट रहे हैं। रोजाना किसान इस उम्मीद में शायद आज तो पर्ची आएगी समितियों में पहुंच जाते हैं। इंडेंट बढ़ाने को लेकर किसान आए दिन समितियों में हंगामा कर रहे हैं। खेतों में अभी 75 प्रतिशत गन्ना खड़ा है। सवाल है कि आखिर गेहूं की बुआई कैसे होगी। अब गेहूं की बुआई का उत्पादन घटने के आसार लग रहे हैं। स्वामी कल्याण देव केंद्र प्रभारी डॉ. ओमवीर सिंह का कहना है कि दिसंबर में भी बुआई लेट मानी जाती है। इससे उत्पादन में गिरावट आएगी। गेहूं की बुआई के लिए उपयुक्त समय अक्तूबर व नवंबर को ही माना जाता है। पश्चिमी यूपी में दिसंबर तक आमतौर पर बुआई करते हैं।
मुआवजा दिलाने के लिए दलाल सक्रिय
बहसूमा। मेरठ-बिजनौर एनएच 119 के फोरलेन निर्माण के लिए झुनझुनी, समसपुर, भैंसा, मौड़ खुर्द, सैफपुर फिरोजपुर आदि गांवों के किसानों से दलाल संपर्क साधने जुट गए हैं। अधिकारी भी धन स्वीकृत गांवों के नाम तक बताने के लिए तीन दिन बाद फोन करने की बात कह टरका रहे हैं।
मेरठ-बिजनौर एनएच 119 को फोरलेन निर्माण की कवायद बीते आठ माह से चल रही है। इसके लिए एनएच की टीम सर्वे कर चुकी हैं। इसके बाद सड़क निर्माण के लिए खेतों में पोल की निशानदेही भी कर दी गई है। फोरलेन निर्माण के लिए क्षेत्र के गांव झुनझुनी, समसपुर, मौड़ खुर्द व सैफपुर फिरोजपुर आदि गांव को अवार्ड कर दिय गया है। अब इन गांवों में दलाल सक्रिय हो गए हैं। दलाल गांवों में जाकर 50 करोड़ रूपये स्वीकृत होने की बात कहकर मुआवजे की पत्रावली तैयारी करा रहे हैं। झुनझुनी निवासी जसवीर राणा, मांगे, लीलू आदि ने बताया कि उनके पास कुछ युवक मेरठ से आए थे कि वे भूमि का मुआवजा सबसे पहले व सबसे अधिक दिलाने के लिए कमीशन तय करने की बात कही। इसके अतिरिक्त समसपुर, मौड़खुर्द में भी उन्होंने कई लोगों से वार्ता की है। हालांकि एनएचएआई से अवार्ड गांव को मुआवजा वितरण कार्य एडीएमएलए के माध्यम से कराया जाता है।
मुआवजा धारकों का कहना है कि उन्हें मुआवजे की कोई सूचना नहीं दी गई है। सूत्रों के मुताबिक एनएच की 3 जी की उपधारा 3 के तहत मुआवजा के लिए धारक को व्यक्तिगत व अखबार के माध्यम से सूचना देना आवश्यक होती है। वहीं, इस संबंध में एनएचएआई परियोजना निदेशक डीके चतुर्वेदी ने बताया कि कुछ गांव अवार्ड हो गए हैं। इसके बाद फोन काट दिया। पुन: नंबर मिलाए जाने पर बताया कि इस विषय में सोमवार को बात करें।
मरीजों की जांच की
बहसूमा। गांव हंसापुर में शुक्रवार को एनआरआई डा. अशोक जैनर के आवास पर एमजे संस्था की ओर से चिकित्सा स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। इसमें डॉ. संजय जैनर ने 44 रोगियों की जांच की। इसमें 17 रोगी शुगर, 9 रोगी मानसिक तथा बाकि सामान्य रोगियों की जांच की गई। इस मौके पर दिनेश कुमार, जयकुमार, विपिन जैनर, अंकुश जैनर, राजन, गिरिराज सिंह व प्रिंस आदि का सहयोग रहा।