अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। आस्था के केंद्र एवं मेरठ जनपद के एकमात्र गंगा स्नान मखदूमपुर मेले में बृहस्पतिवार शाम से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भैंसा-बुग्गी और ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि वाहनों से श्रद्धालुओं का गंगा मेले में पहुंचने का क्रम जारी था। वहां दिन में नवविवाहित जोड़ों ने बैंड-बाजे के साथ गंगा पूजन किया। वहीं, शाम को लोगों ने पितरों की शांति के लिए दीपदान एवं पिंडदान किया।
गांव मखदूमपुर के समीप लगने वाले मेले में बीते तीन दिन से श्रद्धालुओं का मेले में पहुंचने का क्रम जारी है। बृहस्पतिवार सुबह से ही भैंसा-बुग्गी एवं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की तादाद बढ़ गई। यहां नवविवाहित जोड़ों ने बैंडबाजों के साथ परंपरागत तरीके से गंगा पूजन किया। इसके अतिरिक्त बच्चों का मुंडन संस्कार कराया। शाम को लोगों ने गंगा में स्नान करक ेपूजा-अर्चना की तथा पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान एवं दीपदान किया। गंगा में तैरते दीपों की कतार रात के समय मनोहारी दृश्य उत्पन्न कर रही थीं। हजारों की तादाद में श्रद्धालु मेले में पहुंच चुके थे। वहीं, गंगा किनारे तंबुओं का नगर बस गया है। मेले में समुचित पुलिस गश्त नहीं होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, वाच टावर खाली पडे़ रहे। उधर, महिला घाट के आसपास मजनुओं का जमघट था।
घरों को लौटना शुरू हुए श्रद्धालु
आधी रात होते ही गंगा किनारे हर-हर गंगे के उद्घोष से गूंज उठे। आधी रात के बाद श्रद्धालुओं ने स्नान करके घरों को लौटना शुरू कर दिया था। वहीं, कुछ श्रद्धालु साजों सामान के साथ कई दिन से गंगा मेले में डेरा जमाए हुए थे। उन्होंने खिचड़ी का प्रसाद बनाया तथा उसे ग्रहण करने के बाद गंतव्यों को प्रस्थान किया।
जाम से रहे हलकान
देर शाम किशोरपुर से लेकर बड़ी नहर पुल तक गंगा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों से जाम लग गया। यहां लगभग एक घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे। समाचार लिखे जाने तक कोई भी उसको खुलवाने के लिए नहीं पहुंचा था।
बेखौफ कर रहे रेत खनन
आखिर किसकी शह पर बेखौफ गंगा का दोहन हो रहा है। पुलिस और प्रशासन ने मेला शुरू होने से पूर्व एलान किया था कि इस बार गंगा मेले में अवैध रेत खनन नहीं होने दिया जाएगा। इस बार गंगा मेला समाप्ति से पहले ही बडे़ पैमाने पर माफिया द्वारा खनन किया जा रहा है। सैकड़ों की संख्या में ट्रॉलियां रेत खनन करने में लगी हैं। इनको रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। मेले में पहुंच रहे हर किसी श्रद्धालु की जुबान पर है कि आखिर किसकी शह पर इतनी मात्रा में गंगा का दोहन किया जा रहा है। उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि सख्ती बरती जा रही है अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा।
तमंचे और लाठी-डंडे लहराने से मची अफरा-तफरी
बृहस्पतिवार शाम मखदूमपुर मेले में विवाद होने पर करीब एक दर्जन युवक तमंचे लहराते हुए लाठी-डंडे लेकर गंगा घाट पर पहुंच गए। जिससे गंगा वहां स्नान करने रहे श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। गनीमत रही कि ये युवक जिसे ढूंढ रहे थे, वह नहीं मिला। इस पर ये लौट गए। मेले में पुलिस होने के बावजूद उक्त युवकों ने दुस्साहस दिखा। इस संबंध में हस्तिनापुर थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। मेले में पुलिस तैनात है। यदि कोई इस प्रकार की हरकत करता है तो सख्ती से निपटा जाएगा। देर शाम तक मेले में 100 सिपाही और पहुंच रहे हैं।
शराब के नशे में झूमते दिखाई दिए
हर वर्ष गंगा मेले आसपास के इलाके में शराब के ठेकों को प्रशासन द्वारा एक-दो दिन पहले बंद करा दिया जाता था। इस बार प्रशासन ने ऐसा नहीं किया। जिसका लाभ शराब के शौकीनों को मिला। वे गंगा मेले में शराब के साथ पहुंचे तथा नशे में झूमते दिखाई दिए।
बूढ़ी गंगा में डुबकी लगाई
हस्तिनापुर। बूढ़ी गंगा किनारे कार्तिक पूर्णिमा पर लगे दो दिवसीय मेले में काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने बूढी गंगा किनारे दीप जलाकर पूजा-अर्चना की। मेले में जाम की समस्या से निपटने के लिए पुलिस-प्रशासन ने पुख्ता व्यवस्था की। वहीं, प्राचीन बूढ़ी गंगा के समीप नगर पंचायत हस्तिनापुर द्वारा सफाई व्यवस्था भी चाक चौबंद की गई है। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के साथ ही प्राचीन पांडश्वेर, नवलदेह कूप व कई मंदिरों पर पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ अर्जित किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु द्रोपदी घाट एवं कर्ण मंदिर पहुंचकर भगवंतों का पूजन कर धर्मलाभ अर्जित किया। देर रात तक श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। इस क्षेत्र से होकर श्रद्धालु मखदूमपुर घाट पहुंचे एवं क्षेत्र के कई मंदिरों में दर्शन भी किये।