हिम्मत न हार, सपने होंगे साकार
- अमर उजाला फाउंडेशन एवं बाल चित्र समिति की ओर से खरखौदा के जनता इंटर कॉलेज, फफूंडा के एनकेबीआर एकेडमी और गांव लालपुर में मनाया गया फिल्म महोत्सव
- जागरुकता पर आधारित फिल्म से बच्चों ने ली अपने सपनों को साकार करने की सीख
खरखौदा। अमर उजाला फाउंडेशन एवं बाल चित्र समिति की ओर से सोमवार को खरखौदा कस्बे के जनता इंटर कालेज व गांव फफूंडा के एनकेबीआर एकेडमी व गांव लालपुर में बाल फिल्म महोत्सव मनाया गया। बच्चों को जागरुकता पर आधारित फिल्म दिखाई गई। फिल्मों के माध्यम से बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का कार्य किया गया। सभी ने उमर उजाला की इस पहल की सराहना की।
कस्बा खरखौदा के जनता इंटर कालेज में अमर उजाला फाउंडेशन व बाल चित्र समिति की ओर से बाल फिल्म महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कालेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य गोपाल दत्त धीरयाण ने फीता काटकर किया। कार्यवाहक प्रधानाचार्य को बुके देकर सम्मानित किया गया। जनता इंटर कॉलेज में बच्चों को करामाती कोट फिल्म दिखाई गई। फिल्म मे एक गरीब बच्चे की कहानी दिखाई गई जिसे उसके बहनोई ने मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया। जब बच्चा रात्रि में ठंड से ठिठुरता है तो एक वृद्घ उसे एक करामाती कोट देता है। कोट से एक बार में एक रुपये का सिक्का निकलता है। जिससे बच्चा अपने सभी शोक पूरे करता है तथा जरूरत मंद अपने साथियों की भी मदद करता है। लेकिन कुछ लालची लोगों को उस करामाती कोट के बारे में जानकारी मिलती है। वह उस कोट को चुराकर अपना लालच पूरा करने का प्रयास करते हैं। लेकिन बाद में बच्चा उस करामाती कोट को समुद्र में फेंक देता है। फिल्म के माध्यम से बच्चों को सिखाया गया कि मुसीबत में अपने मित्रों का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। शिक्षक-शिक्षिकाओं ने फिल्म की जमकर सराहना की। इस मौके पर केडी शुक्ला, योगेश कुमार, जितेंद्र यादव, उर्मिला व अपर्णा शर्मा रही।
रूचि के अनुसार बच्चों को आगे बढ़ने दे
खरखौदा। बाल फिल्म महोत्सव के तहत गांव फफूंडा में एनकेबीआर एकेडमी में कभी पास कभी फेल फिल्म को दिखाया गया। फिल्म के माध्यम से बताया कि बच्चे का जीवन एक कच्चे घडे़ की तरह होता है उसे जैसा आकार देना चाहो वैसा ही दे सकते हो। इसमें दिखाया जाता है कि बच्चे पर कभी बोझ न डाले जिसमें उसकी रूचि है उसमें ही उसे आगे बढ़ने दें। प्रधानाचार्या डॉ. अनुप्रिता शर्मा, हेमलता चौहान, नीरज कुमार, सुनील विलियमस सहित बच्चों ने सराहना की तथा अपने विचार साझा किए। उमर उजाला की इस पहल की प्रशंसा की। वहीं गांव लालपुर में महक मिर्जा फिल्म दिखाई गई। शुभारंभ ब्लाक प्रमुख खरखौदा मंजु गुर्जर व ग्राम प्रधान महकार सिंह दोनों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। फिल्म बच्चे के सपनों पर आधारित थी। जिसमें बच्ची सपने तो देखती है लेकिन उन्हें साकार नहीं कर पाती। लेकिन उसे मिली एक परी उसकी प्रतिभा को बताती है। उसके बाद वह अपने हौसलों को बुलंद कर कड़ी मेहनत करतीं है और अपने सपनों को साकार करती है। ओमपाल गुर्जर, चयन पाल, रामबीर काका, महेश पोसवाल, दिनेश पहलवान, भीम सिंह, इरशाद, रकम सिंह चेयरमैन सहित सभी मौजूद रहे।
फिल्म अच्छी थी
फिल्म अच्छी थी। ऐसी फिल्मों से बच्चों को ज्ञान मिलता है। प्रियांशी त्यागी।
बच्चों से न किया जाए गलत व्यवहार
परिजनों को किसी भी परेशानी में बच्चों के साथ गलत व्यवहार नहीं करना चाहिए। जिससे बच्चों को गलत कदम उठाने पडे़। निधि मावी
कठिनाइयों से नहीं भागना चाहिए
ऐसी फिल्मों से सीख मिलती है कि हमें कितनी भी कठिनाई आए उनका डटकर सामना करना चाएि। यश शर्मा।
लालच बुरी बला
कभी लालच नहीं करना चाहिए और न ही अपने मन की बात किसी को बतानी चाहिए। शिवानी शर्मा।
मानसिक विकास होता है
समय-समय पर ऐसी फिल्मों के आयोजन से बच्चों का मानसिक व बौद्घिक विकास होता है। आकांक्षा राणा।