सुप्रीम कोर्ट ने भले ही रात्रि दस बजे तक ही पटाखे फोड़ने का आदेश दिया है, लेकिन सवाल यह है कि पटाखों को आखिरकार कहां चलाया जाएगा। शासन से जारी किए निर्देश के अनुसार स्कूल, अस्पताल, कोर्ट एवं सरकारी कार्यालय के बाहर पटाखे बेचना एवं चलाना कानूनी दायरे में आता है। ऐसे में नगर में पटाखों की बिक्री एवं चलाने को लेकर संशय बना हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट ने धीमी आवाज वाले पटाखों को बेचने एवं चलाने के लिए रात्रि दस बजे तक का समय निर्धारित कर दिया है। हाल ही में शासन ने शिक्षा विभाग से लेकर अन्य विभागों को आदेश जारी किया है। जिसमें स्कूल, अस्पताल, कोर्ट के बाहर, सरकारी कार्यालयों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे बेचने एवं चलाने पर प्रतिबंध लगाया है। नगर में तहसील रोड पर पालिका के मैदान के बाहर ही हर वर्ष पटाखे बेचे जाते हैं और पालिका मैदान में ही अधिकतर लोग पटाखे चलाते हैं।
इन आदेश के बाद अब यह संशय है कि आखिर नगर में पटाखों की बिक्री कहां होगी और कहां चलाए जाएंगे? फिलहाल अभी तक पटाखे बेचने वालों के लाइसेंस नवीनीकरण के आदेश अधिकारियों को नहीं मिले हैं। जिस कारण लाइसेंस धारक तहसील के चक्कर लगा रहे हैं।
देखना यह है कि यदि पटाखों के लाइसेंस का नवीनीकरण होता है तो बेचने एवं चलाने के लिए कौन सी जगह निर्धारित की जाएगी। एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव का कहना है आदेश के अनुसार ही पटाखे बेचे जाएंगे। फिलहाल नवीनीकरण का आदेश नहीं आया है।