हस्तिनापुर। कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में महिला किसान दिवस का आयोजन केन्द्र के सभागार में हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन कर केंद्र प्रभारी अधिकारी डॉ. ओमवीर सिंह ने बताया कि खेती से लेकर तकरीबन सभी गतिविधियों में महिलाओं का योगदान सराहनीय है। उन्होंने बताया कि पशुपालन व्यवसाय में अधिकतर कार्य महिलाओं द्वारा ही संपन्न किया जाता है। वे घर में रहकर आमदनी में भी योगदान करती हैं। जिले में प्रमुख रूप से गन्ने की खेती की जाती है जिसकी छिलाई में महिलाएं बराबर का योगदान करती हैं। उप निदेशक कृषि ने बताया कि सरकार महिलाओं के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। महिलाओं के नाम से जमीन नहीं होने के कारण इन योजनाओं का लाभ महिलाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसमें जागरूकता लाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि जिले में सोलर पंप एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से पंप खरीदे जा सक:ते हैं। ठप नलकूपों को संचालित किया जा सकता है। केंद्र की गृह वैज्ञानिक वीना यादव ने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए कहा है। साथ में वर्ष भर सब्जी उत्पादन के लिए प्रत्येक घर में पोषण वाटिका की स्थापना के लिए प्रेरित किया। जिससे रसायन रहित सब्जी उपलब्ध हो सके। वीना यादव ने बताया कि मौसमी सब्जी एवं फलों का मूल्यवर्धन करने के लिए चटनी आचार, मुरब्बा, जैम, जेली आदि का उत्पादन घर पर ही किया जा सकता है। केन्द्र के प्राध्यापक डा. पीएस तिवारी ने बताया कि कृषि से संबंधित महिलाओं के अनुकूल बहुत से यंत्र विश्वविद्यालय द्वारा विकसित किए गए हैं। जिसमें नवीं दराती, रिवाल्विंग स्टूल, भिंडी कटर, ग्लब्स, अमरूद तुड़ाई यंत्र आदि बाजार में उपलब्ध हैं। जिसमें महिलाओं की श्रमशक्ति की कम आवश्यकता होगी और समय की बचत होगी। केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. नवीन चंद्रा ने जैविक विधि द्वारा सब्जी उत्पादन तकनीक की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कीडे़ की रोकथाम के लिए नीम आयल का छिड़काव किया जा सकता है। माहू की रोकथाम के लिए घर की राख तथा पानी का छिड़काव भी लाभकारी रहता है। महिला कृषक सर्वेश चैाधरी ने खेती एवं पशुपालन में महिलाओं के योगदान की चर्चा की। स्वामी कल्याण देव डिग्री कालेज की प्रवक्ता डा. निक्की ने बताया कि महिलाओं को सदैव सकारात्मक सोच रखनी चाहिए। वे अपनी उर्जा को संरक्षित कर अच्छे कार्यों में लगा सकती हैं। कार्यक्रम में खेती में महिलाओं का योगदान वादविवाद प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें ज्योति एवं राखी को प्रथम स्थान, वर्षा एवं नीलम को द्वितीय स्थान एवं अनीता व कंचन को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इन सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं शाल देकर सम्मानित किया गया। यहां डा. राकेश तिवारी, मीरा, पूजा, सर्वेश कुमारी, रेखा आदि शामिल रहीं।
मुख्य बातें
कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में महिला किसान दिवस मनाया
मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की
हस्तिनापुर। पांडव टीला स्थित जयंती माता शक्ति पीठ मंदिर में चल रहे पूजन कार्यक्रम में आज माता के छठे दिन सोमवार को स्वरूप माता कात्यायनी की पूजा-अर्चना की गई।
इस अवसर पर मंदिर पुजारी परशुराम तिवारी, महेश चंद्र शास्त्री कन्हैया ने बताया कि अश्विन शुक्ल पक्ष षष्ठी है आज दुर्गा के छठे स्वरूप के रूप में कात्यायनी की पूजा व उपासना की जाती है । ऋषि कात्यायन ने कठोर तपस्या कर मां से उनकी पुत्री के रूप में जन्म लेने का वरदान मांगा मां अम्बा ने उनकी इच्छा पूर्ण की और पुत्री के रूप में जन्म लिया इसलिए कात्यायनी कहलाई। स्वरूप चार भुजाधारी माता सिंह पर सवार हैं और उनके एक हाथ में तलवार और एक हाथ में कमल का पुष्प है। अन्य दो हाथ वर एवं अभय मुद्रा में है। आज के मुख्य यजमान मंदिर पूर्व चेयरपर्सन सुनीता रानी एवं ट्रस्ट संस्थापक सुदेश रहे। इस अवसर पर सीमा, सूर्यकांत शास्त्री, विपिन, अशोक आदि का सहयोग रहा।
विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया
हस्तिनापुर। रियल मार्शल आर्ट वेलफेयर एसोसिएशन हस्तिनापुर के 12 खिलाड़ियों ने मेरठ के कलावती इंटर कॉलेज में आयोजित ताइक्वांडो स्टेट चैम्पियनशिप में प्रतिभाग कर कई पदक प्राप्त किए हैं। प्रतियोगिता में मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्धनगर, शामली बुलंदशहर, अलीगढ़ व मुरादाबाद के 300 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। एसोसिएशन के प्रशिक्षक सुनील कुमार ने जानकारी दी कि इस चैम्पियनशिप में कस्बे के आशुतोष राघव, ओजस सिंह, यश कर्णवाल, आयुष त्यागी, अंजलि, राहुल पाल ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। वहीं, तेजस वर्मा, मीनाक्षी तोमर, अनिरुद्ध सिंह, श्रेयांश शर्मा ने कांस्य पदक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर एसोसिएशन द्वारा विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।