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मंडी में धान न पहुंचने से आढ़ती परेशान

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धान क्रय केंद्र। - फोटो : बस्ती
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रामराज मंडी में धान की आवक कम, आढ़ती परेशान
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- पिछले वर्ष की अपेक्षा धान की कीमत में आया उछाल
रामराज। कस्बा रामराज स्थित धान मंडी में धान कम आने के कारण आढ़ती परेशान है। लेकिन पिछले सालों से इस साल धान के भाव अच्छे हैं। खादर क्षेत्र में बीते दिनों आई वर्षा के कारण धान नीचे गिर गया था। कम धान होने के कारण किसानों के चेहरे मुरझाए हुए हैं। मंडी के आढ़तियों का कहना है कि मंडी में धान की आवक तेजी से बढ़ रही है। वहीं हरियाणा में भी धान के भाव में तेजी आने की संभावना है।
कस्बा रामराज में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी धान मंडी है। मंडी से प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का राजस्व सरकार को जाता है। आढ़ती मोनू बंसल, राजीव छाबड़ा, अजय अग्रवाल, अशोक बंसला ने बताया कि हरियाणा की मंडी में फिर से 50 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी आई है। किसान लोकेश कुमार, रविंद्र कुमार, देवेंद्र कुमार, जयवीर सिंह आदि ने बताया कि पिछले वर्ष नवंबर माह में रामराज मंडी में तूड़ा बासमती धान 26 सौ रुपये प्रति क्विंटल बिका था। बासमती 1121 प्रजाति का धान 2650 रुपए बिका था। सरबती धान 1940 रुपए प्रति क्विंटल बिका था। सुगंध फाइव धान 16 से 1650 रुपये पीआर14- 2450 सौ रुपए प्रति क्विंटल बिका था। लेकिन बुधवार को धान में 50 की बढ़ोतरी आई है। पीआर 14 धान 25 सौ रुपये बिका है। रामराज मंडी में बैठे आढ़ती राजीव छाबड़ा ने बताया कि हरियाणा मंडी में धान के भाव स्तर चल रहे हैं। भाव न बढ़ने के कारण रामराज मंडी में धान का भाव गिरा है। शीघ्र धान के भाव बढ़ने की संभावना है। आगामी शनिवार को धान के दामों में तेजी आने की संभावना है। मंडी समिति के व्यापारी सुदर्शन पाहवा, मोनू बंसल, रमेश मक्कड़ आदि का कहना है कि इस बार खादर क्षेत्र में गंगा नदी की बाढ़ आने के कारण धान नष्ट हो चुका है। लेकिन धान की आवक बढ़ने की संभावना है।
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धान के भाव न आने के कारण किसान परेशान
धान के भाव कम होने के कारण किसान परेशान है। रालोद नेता लोकेश सिरोही जयवीर अहलावत का कहना है कि धान के भाव घटने से किसानों की खून पसीने की तैयार की गई फसल कोड़ियों के दामों बिक रही है। केंद्र सरकार उद्योगपति की पार्टी है। इस सरकार में किसान परेशान है। उन्होंने कहा कि यदि धान के भाव स्थिर रहेंगे तो किसान बर्बाद हो जाएगा।
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